हमारी किचन में मौजूद कई चीजें सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का भी खजाना मानी जाती हैं। कई चीजों को तो हम रोजाना प्रयोग में लाते हैं, पर उनसे होने वाले स्वास्थ्य लाभ से ज्यादातर लोग अनजान रहते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि हम सभी के घरों में आसानी से उपलब्ध एक औषधि कई प्रकार के गंभीर कैंसर, हृदय रोगों और जानलेवा संक्रमण के जोखिम को कम कर सकती है। भारतीय भोजन में प्रयोग में लाई जाने वाली इन औषधियों को मेडिकली प्रमाणिकता भी मिल चुकी है। इन पर किए गए शोध में नियमित रूप से इसके सेवन की आदत को विशेषज्ञ काफी लाभकारी मानते हैं।
अध्ययन: फेफड़े-मस्तिष्क के कैंसर के साथ गंभीर हृदय रोगों से बचा सकती है यह औषधि, हर घर में आसानी से उपलब्ध
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
लहसुन को लेकर हुए कई शोध में वैज्ञानिकों ने इसे शरीर के लिए अत्यंत लाभदायक औषधि बताया है। प्राचीन यूनानी चिकित्सक रिचर्ड एस. रिवलिन हिप्पोक्रेट्स, जिन्हें "पश्चिमी चिकित्सा के जनक" के रूप में भी जाना जाता है वह कहते हैं कि- लहसुन श्वसन समस्याओं, परजीवी संक्रमण की समस्या, खराब पाचन और थकान जैसी दिक्कतों को आसानी से ठीक करने वाला औषधि है। उन्होंने दवाई के रूप में भी लहसुन के सेवन को काफी बढ़ावा दिया।
यूनानी के साथ मेडिकल जर्नल्स में भी छपे कई रिपोर्ट्स में लहसुन के सेवन को सेहत के लिए काफी फायदेमंद बताया गया है।
मस्तिष्क कैंसर से बचाव
लहुसन के स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभावों को जानने के लिए किए गए एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि इसका सेवन ब्रेन कैंसर कोशिकाओं को निष्क्रिय करने में मदद कर सकता है। जर्नल कैंसर में प्रकाशित इस अध्ययन में दक्षिण कैरोलिना के मेडिकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बताया कि लहसुन में पाए जाने वाला ऑर्गेनो-सल्फर यौगिक, ग्लियोब्लास्टोमास (एक प्रकार का घातक ब्रेन ट्यूमर) कोशिकाओं को नष्ट करने में प्रभावी हो सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक लहसुन में तीन प्रभावी ऑर्गेनो-सल्फर यौगिक होते हैं जो मस्तिष्क कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक सकते हैं।
फेफड़ों के कैंसर का जोखिम कम
वहीं एक अन्य अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि लहसुन, फेफड़ों के कैंसर के खतरे को भी कम कर देता है। जर्नल कैंसर प्रिवेंशन रिसर्च में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, 7 साल की अध्ययन अवधि के दौरान सप्ताह में कम से कम दो बार कच्चा लहसुन खाने वाले लोगों में फेफड़ों के कैंसर के विकास का जोखिम 44 प्रतिशत तक कम पाया गया। शोधकर्ताओं ने फेफड़ों के कैंसर के 1,424 रोगियों और 4,543 स्वस्थ व्यक्तियों के बीच यह अध्ययन किया, जिसके आधार पर यह परिणाम सामने आए।
हृदय रोगों से बचाव
कैंसर के साथ-साथ लहसुन, आपमें हृदय रोगों के जोखिम को भी कम कर सकता है। एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने पाया कि लहसुन में पाया जाने वाला घटक- डायलिल ट्राइसल्फाइड, कार्डियक रोगों से सुरक्षा दे सकता है। हार्ट अटैक के बाद भी दिल को स्वस्थ रखने के लिए लहसुन का सेवन किया जा सकता है। लहसुन में हृदय को क्षति से बचाने वाले कई यौगिक और कैमिकल कंपाउंड पाए जाते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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