सिरदर्द की समस्या बहुत आम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, सिरदर्द होने के कई कारण हो सकते हैं। जीवनशैली-तनाव, कुछ प्रकार की अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियां और यहां तक कि पर्यावरणीय कारक सिरदर्द बढ़ाने वाले हो सकते हैं। इतना ही नहीं कुछ सामान्य सी स्थितियां जैसे निर्जलीकरण, नींद की कमी, तनाव होना या बहुत अधिक कैफीन जैसे आहार भी सिरदर्द का कारण बन सकते हैं।
जानना जरूरी: कहीं बार-बार सिरदर्द होना ब्रेन ट्यूमर का संकेत तो नहीं? न्यूरोसर्जन ने किया सावधान, करा लें जांच
क्या आप जानते हैं कि लगातार या लंबे समय तक बने रहना वाला सिरदर्द कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का एक लक्षण भी हो सकता है। अक्सर बना रहने वाला तेज सिरदर्द कई बार ब्रेन ट्यूमर या मस्तिष्क से संबंधित गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकता है।
सिरदर्द की पहचान जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, सिरदर्द कई प्रकार का हो सकता है।
- प्राथमिक सिरदर्द, वो सिरदर्द होते हैं जिनका कोई अन्य रोग कारण नहीं होता। आमतौर पर ये लाइफस्टाइल की गड़बड़ी के कारण होते हैं। तनाव- थकान, नींद की कमी, गलत पोस्चर में सोने के कारण आपको इस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं।
- दूसरा माइग्रेन, जिसमें सिर के एक ओर तेज दर्द होता है। इसके साथ आपको उल्टी, रोशनी या आवाज के प्रति संवेदनशीलता भी हो सकती है। माइग्रेन न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसका समय पर इलाज कराना जरूरी है।
पर अगर आपको अक्सर सिर में दर्द होता रहता है तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। समय रहते इसकी जांच कराएं।
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
रांची रिम्स में न्यूरोसर्जन डॉ विकास कुमार बताते हैं, वैसे तो सिरदर्द आम समस्या है, लेकिन कुछ तरह के सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए अक्सर बने रहने वाली इस समस्या को बिल्कुल अनदेखा नहीं करना चाहिए। हर बार पेनकिलर लेना सही समाधान नहीं है, इसकी जांच कराना और समस्या के कारणों को समझना जरूरी है।
सिरदर्द के साथ ऐसी दिक्कतें तो नहीं?
डॉ विकास बताते हैं, सिरदर्द अगर सामान्य दवाओं और उपचार से ठीक नहीं हो रहा है और आपके लिए दिक्कतें बढ़ाता जा रहा है तो सावधान हो जाइए। सिरदर्द के साथ इन लक्षणों का मतलब ये ब्रेन कैंसर का खतरा हो सकता है।
- दृष्टि में बदलाव- धुंधलापन, दोहरी दृष्टि या अचानक आंखों की रोशनी कम होना।
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, खासकर एक तरफ।
- बोलने में कठिनाई या याददाश्त में बदलाव।
- संतुलन या चलने में दिक्कत आना।
- मूड या व्यवहार में अचानक बदलाव।
- सिरदर्द जो खांसने, झुकने या ज़ोर लगाने पर बढ़ता है।
- स्ट्रोक जैसे लक्षण – जैसे चेहरा टेढ़ा होना या हाथ-पैर हिलना बंद होना।
- बार-बार दौरे आना।
समस्या का पता लगाने में न करें देरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सिरदर्द के अधिकांश कारण सामान्य होते हैं और जीवनशैली, नींद, तनाव व पोषण से संबंधित होते हैं। लेकिन कुछ सिरदर्द गंभीर बीमारियों के लक्षण भी हो सकते हैं। यदि सिरदर्द असामान्य लग रही हो या बार-बार हो रही हो, तो न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना जरूरी है।
समय पर इसके कारणों का पता लगाना और इलाज प्राप्त करना जरूरी है। ब्रेन ट्यूमर का समय रहते पता चल जाए और इसका इलाज हो जाए तो गंभीर खतरे को कम किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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