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विशेषज्ञों की चेतावनी: पटाखों के धुएं फेफड़ों को पहुंचा सकते हैं गंभीर नुकसान, जानिए कैसे रहें सुरक्षित?

Thu, 04 Nov 2021 01:41 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Thu, 04 Nov 2021 01:41 PM IST
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firecrackers smoke may cause lungs diseases, tips to stay safe
पटाखों के कारण फेफड़ों को हो सकता है नुकसान - फोटो : Pixabay

Medically Reviewed by-


डॉ अभिमन्यु वर्मा
(पल्मोनरी रोगों के विशेषज्ञ)
चंडीगढ़


दीया, मोमबत्ती, पटाखे और मिठाइयां, यह सभी चीजें दीपावली के उत्सव को खास बनाती हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खुशियों के इस त्योहार में सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दीपावली के पटाखों के कारण वातावरण में स्वाभाविक रूप से ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, यह दोनों सेहत को लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती हैं। पटाखों के जलने से निकलने वाला धुआं, अस्थमा, हृदय और सांस के रोगियों के लिए मुसीबत का कारण बन सकता है।

अध्ययनों से पता चलता है पटाखों से निकलने वाले धुएं के संपर्क में आने के कारण दीर्घकालिक नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह फेफड़ों की तमाम बीमारियों को बढ़ाने के साथ गंभीर स्थितियों में फेफड़ों के डैमेज तक कर सकता है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को दिवाली पर विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। 

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पटाखों से निकलने वाला धुंआ होता है नुकसानदायक - फोटो : pixabay

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
अमर उजाला से बातचीत में पल्मोनरी रोगों के विशेषज्ञ डॉ अभिमन्यु वर्मा बताते हैं, दिवाली के दौरान भारी मात्रा में पटाखे, अगरबत्ती, मोमबत्ती जलने के कारण हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। यही कारण है दिल्ली जैसे शहरों में दीपावली के बाद बादल में धुंध जैसा छा जाता है। हवा की इस तरह की गुणवत्ता के संपर्क में लंबे समय तक रहने वाले लोगों में फेफड़ों से संबंधित रोगों का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। पहले से बीमार लोगों के लिए यह और भी गंभीर हो सकता है।

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पटाखों के कारण हवा की गुणवत्ता हो जाती है खराब - फोटो : pixabay

हवा की खराब गुणवत्ता है नुकसानदायक
डॉक्टरों के मुताबिक पटाखों के धुंए के कारण बिगड़ी हवा की गुणवत्ता एलर्जी के रोगियों जैसे अस्थमा या सीओपीडी वाले लोगों के लिए और भी समस्याएं खड़ी कर सकता है। पटाखों से निकलने वाले धुएं में कई ऐसे हानिकारक रसायन होते हैं जो शरीर के अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही कारण है कि लोगों को दीपावली में सेहत को लेकर विशेष अलर्ट रहने की जरूरत होती है। पटाखों के धुएं से फेफड़ों को सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को बचाव के उपाय करते रहने चाहिए।

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पूरी सावधानी बरतना आवश्यक - फोटो : iStock

किन बातों का रखें ध्यान?
डॉ अभिमन्यु बताते हैं, पटाखों के कारण सेहत को होने वाले नुकसान से बचने के लिए सबसे आवश्यक है दीपावली के दिन सुरक्षात्मक उपायों का लगातार प्रयोग करते रहना। मास्क लगाकर रखने से वातावरण में मौजूद धूल-मिट्टी और पटाखों से निकलने वाले धुएं से सुरक्षित रहा जा सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को सांस की समस्या है उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। दरवाजे और खिड़कियों को बंद रखें जिससे आप धुंए से सुरक्षित रह सकें। 

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कोरोना के समय में दीपावली - फोटो : Pixabay

इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक वातावरण को साफ रखने के लिए मोमबत्ती और दीयों के बजाय, प्रकाश के लिए बिजली के स्रोतों का उपयोग करना अच्छा विकल्प हो सकता है। यह इनडोर वायु प्रदूषण को कम करने में सहायक होता है। पटाखों को हमेशा खुले स्थानों पर दूर से जलाएं। पटाखे जलाते समय प्रदूषण रोधी मास्क पहनें साथ ही वृद्ध लोगों, अस्थमा, सीओपीडी, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों के रोगियों से इसे दूर रखें। बच्चों को हानिकारक और तेज आवाज करने वाले पटाखों से दूर रखें। 



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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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