पिछले दो साल से अधिक समय से दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना का संक्रमण जारी है। कोरोनाके नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण भारत संक्रमण की तीसरी लहर झेल रहा है। अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना का यह वैरिएंट अपेक्षाकृत अधिक संक्रामक है। कई रिपोर्ट्स में ओमिक्रॉन के कारण होने वाले संक्रमण के लक्षणों को तो हल्के-मध्यम स्तर का बताया जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस खतरे को भी गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। ओमिक्रॉन संक्रमण के कारण भी लोगों की जान जाने के मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यदि आपमें कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत इसकी जांच करा कर इलाज प्राप्त करें। पहली, दूसरी और अब तीसरी लहर ने एक बात पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है, संक्रमण का जल्दी पता चल जाने से उपचार में आसानी होती है।
बड़ी कामयाबी: अब खून की जांच से भी पता चल जाएगा आपको कोरोना है या नहीं, संक्रमण की गंभीरता का भी लग सकेगा अंदाजा
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ब्लड टेस्ट से चल जाएगा कोरोना का पता
'पीएलओएस वन' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक शोधकर्ताओं ने एक खास तरह के रक्त के परीक्षण को विकसित किया है जिससे इस बात का आसानी से पता लगाया जा सकता है कि क्या किसी को कोविड-19 है या नहीं? खास बात यह है कि इस टेस्ट के माध्यम से इस बात का भी पता लगाया जा सकता है कि संक्रमण के प्रति हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कितनी गंभीर प्रतिक्रिया करेगी? वैज्ञानिकों के मुताबिक परीक्षण की यह तकनीक कोरोना संक्रमण का पता लगाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस परीक्षण के लिए शोधकर्ताओं ने एसिम्टोमैटिक से लेकर गंभीर लक्षण वाले कोविड-19 रोगियों के ब्लड आरएनए की जांच की। अध्ययन के दौरान संक्रमितों की कोशिकाओं में कुछ परिवर्तन देखे गए। विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिकों ने बताया कि कोविड-19 की गंभीरता न्यूट्रोफिल गतिविधि में वृद्धि और टी-सेल गतिविधि में कमी का कारण बन सकती है। न्यूट्रोफिल और टी-कोशिकाएं, दोनों ही श्वेत रक्त कोशिकाओं का एक प्रकार हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं। इस परीक्षण से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जीडब्ल्यू में मेडिसिन के प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता टिमोथी मैककैफ्रे कहते हैं, यह परीक्षण महामारी के दौरान बहुत मूल्यवान साबित हो सकता है। विशेष रूप से जिस तरह के कोरोना के नए वैरिएंट का प्रसार जारी है, ऐसे में यह डॉक्टरों को समस्या की पहचान करने और प्रभावी उपचार प्रदान करने में खासा मदद कर सकता है। जब हम पूरे ब्लड आरएनए को अनुक्रमित करते हैं, तो हमें शरीर के अंदर क्या हो रहा है, इसकी वास्तविक जानकारी मिल जाती है। यह परीक्षण उन लोगों की पहचान करने में भी मदद करता है जिन्हें संक्रमण के दौरान विशेष उपचार की आवश्यकता होती है।
टेस्ट की खास बात
ध्यान देने वाली बात यह है कि वर्तमान में ऐसा कोई अच्छा तरीका उपलब्ध नहीं है जिससे यह जाना जा सके कि प्रतिरक्षा प्रणाली किसी वायरस के प्रति कैसे प्रतिक्रिया करेगी? इस परीक्षण से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल इस टेस्ट को लेकर अभी भी अध्ययन जारी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि व्यापक स्तर पर परीक्षण की प्रभाविकता साबित होते ही है, यू.एस. खाद्य एवं औषधि प्रशासन से आपातकालीन उपयोग के मंजूरी लेने का योजना है।
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स्रोत और संदर्भ
Fast, cheap test can detect COVID-19 virus’ genome without need for PCR
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