कोरोनाकाल में तरह-तरह के मास्क का उपयोग करके हम सभी कहीं न कहीं मास्क विशेषज्ञ बन चुके हैं। हम अपनी त्वचा के अनुसार समझने लगे हैं कि कौनसा मास्क हमें तकलीफ पहुंचाएगा और कौनसा मास्क हम लंबे समय तक पहनकर रख सकते हैं। बाजार में विभिन्न मास्क उपलब्ध हैं और आए दिन कोई नया वाट्सअप फॉरवर्ड आ जाता है जो हमें बताता है कि कौनसा मास्क पहनना चाहिए। लेकिन मास्क का प्रकार, त्वचा, चयन यह सभी बातें उतना महत्व नहीं रखती जितना महत्व इस बात का है कि किस तरह के मास्क को पहनने से कोरोना संक्रमण फैलने की कितनी संभावनाएं हैं। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिए अलग-अलग मास्क की क्षमताओं के विषय में।
कोरोना संक्रमण को रोकने में मास्क के फैब्रिक का भी है महत्व, इस तरह करें प्रभावशाली मास्क का चयन
मास्क का फैब्रिक है महत्वपूर्ण
हाल ही में हुए एक शोध के मुताबिक यह स्पष्ट हुआ है कि संक्रमण को रोकने के लिए मास्क में किस कपड़े का इस्तेमाल हुआ है यह भी ध्यान रखने योग्य बात है। शोधकर्ताओं का कहना है कि विभिन्न स्वास्थ्य संगठन इन दिनों मास्क को लेकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं लेकिन कोई भी यह स्पष्ट नहीं कर रहा कि मास्क में किस तरह के कपड़े का इस्तेमाल होना चाहिए।
विशेषज्ञ की राय
जीरियाट्रिक इमरजेंसी सेंटर की निदेशक डॉ टेरेस अमातो का कहना है कि कोई भी मास्क हो यदि उसे पहना है तो वो कुछ हद तक सकंमण को रोकेगा ही। शोधकर्ताओं ने इसके मटेरियल को लेकर भी रिसर्च की है। सामान्य स्कार्फ और ऐसा सिंगल लेयर मास्क जिसका पुर्नउपयोग किया जा सकता है संक्रमण को रोकने में इतना प्रभावशाली नहीं है।
इस तरह करें पहचान
मास्क या स्कार्फ में उपयोग में लिया गया कपड़ा संक्रमण को रोकने में कितना प्रभावशाली है यह जानने के लिए एक सामान्य अभ्यास करके देखें। आप मास्क को धूप में देखें। मास्क को हाथ से पकड़ते हुए सूर्य और आंखों के बीच रखें। यदि मास्क या स्कार्फ से सूर्य को देखते वक्त सूर्य की किरणें मास्क के कपड़े पर थोड़ा बहुत भी चमक रही हैं तो ऐसा मास्क कोरोना संक्रमण को रोकने में इतना प्रभावशाली नहीं है।
घर पर बना मास्क
घर पर बनाए जाने वाले मास्क में सूती कपड़े से निर्मित दो परत वाला मास्क संक्रमण को रोकने में प्रभावशाली है लेकिन यह ध्यान रखें कि यदि यह ढीला हो गया है तो फिर किसी काम का नहीं। रजाई बनाने के लिए उपयोग में लिया गए सूती कपड़े से बना मास्क भी श्रेष्ठ है।