आंखों में संक्रमण की समस्या बहुत आम है, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र वालों में ये समस्या देखी जाती रही है। इंफेक्शन के कारण आंखों में लालिमा, पानी आने, खुजली या स्राव जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। आमतौर पर कंजंक्टिवाइटिस को आंखों में संक्रमण का सबसे आम कारण माना जाता है। वैसे तो संक्रमण की समस्या कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन हर बार आंख का संक्रमण एक जैसा नहीं होता।
जानना जरूरी: आंखों का इंफेक्शन बढ़ा सकता है आपकी परेशानी, कैसे जानें संक्रमण तो नहीं हो गया?
आंखों का संक्रमण कई बार साधारण कंजंक्टिवाइटिस के कारण हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में कॉर्निया भी प्रभावित हो सकती है। केराटाइटिस जैसे संक्रमण गंभीर हो सकते हैं। तेज दर्द, रोशनी से परेशानी, नजर धुंधली होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, आंखों में गंभीर प्रकार के संक्रमण के कारण दर्द, रोशनी से परेशानी और नजर धुंधली होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। यही वजह है कि अगर लंबे समय से आंखे लाल हैं तो सिर्फ घरेलू उपायों से इसे दबाने के बजाय समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूरी है। संक्रमण पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इससे नजर प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि समय पर जांच और इलाज कराना जरूरी है।
कंजंक्टिवाइटिस सबसे आम समस्या
कंजंक्टिवाइटिस में आंख के सफेद हिस्से और पलकों की अंदरूनी सतह को ढकने वाली पतली झिल्ली में सूजन आ जाती है। ये वायरस और बैक्टीरिया दोनों प्रकार के संक्रमण के कारण हो सकता है।
- कंजंक्टिवाइटिस के कारण आंख लाल होने, पानी आने, चिपचिपा स्राव और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- वायरल और बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस के एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलने का खतरा हो सकता है, इसलिए साथ रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
केराटाइटिस की दिक्कत
कॉर्निया आंख की सामने वाली पारदर्शी परत है। इसमें संक्रमण होने को केराटाइटिस कहा जाता है। कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल इस समस्या का जोखिम बढ़ा सकता है।
- इसमें आंख लाल होने के साथ दर्द, रोशनी से परेशानी, पानी आना और अचानक धुंधला दिखाई देने की दिक्कत हो सकती है। माइक्रोबियल केराटाइटिस गंभीर होने पर नजर को स्थाई नुकसान भी पहुंचा सकता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
डॉक्टर कहते हैं, कुछ गंभीर संक्रमण कॉर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं और वहां घाव या अल्सर जैसी समस्या पैदा हो सकती है।
- कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। इसमें तेज दर्द, लालिमा और नजर कमजोर होने की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षणों में तुरंत आंखों के विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
- हर आंखों मे लालिमा या खुजली संक्रमण के कारण नहीं होती। कई बार परागकण, धूल, कुछ कॉस्मेटिक और दूसरी एलर्जी भी आंखों में लालिमा और पानी आने की समस्या पैदा कर सकती है।
- एलर्जी से होने वाली कंजंक्टिवाइटिस संक्रामक नहीं होती। इसलिए सही कारण पता करना जरूरी है।
कब हो जाएं सावधान
डॉक्टर कहते हैं, यदि आंख में तेज दर्द, रोशनी सहन न होने, नजर धुंधली होने या बहुत ज्यादा लालिमा की दिक्कत है तो सावधान हो जाएं। कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों में ऐसे लक्षण हों तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। संक्रमण की सही वजह और आंख के किस हिस्से पर असर पड़ा है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होता है। समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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