कोरोना वायरस के मामलों की शुरुआत हुए एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। इस बीच कोरोना की दूसरी लहर ने भी देश के तमाम हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। सर्दी- जुकाम और बुखार को कोरोना का सामान्य लक्षण माना जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि अगर आपको सामान्य खांसी- जुकाम यानी मौसम बदलने पर होने वाली कॉमन कोल्ड की समस्या है तो यह आपको लिए कोरोना के समय में फायदेमंद हो सकती है।
आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि क्या कॉमन कोल्ड होने का मतलब है कि हम कोरोना वायरस से पूरी तरह से सुरक्षित हैं?
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cold cough
- फोटो : social media
ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के शोधकर्ताओं ने अपनी एक शोध के दौरान पाया है कि यदि आपको राइनोवायरस का संक्रमण हाल फिलहाल में हुआ है तो यह आपको कोरोनावायरस के प्रभावों के खिलाफ सुरक्षाकवच दे सकती है। सरल भाषा में समझें को यदि आपको कॉमन कोल्ड की शिकायत है तो कोरोना के इस समय में यह अच्छा संकेत हो सकता है। राइनोवायरस, कोरोना के उस प्रभाव को कम करने में सहायक पाया गया है जो वायरस को शरीर में बढ़ने का मौका देते हैं।
अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि राइनोवायरस, कोरोना वायरस को प्रतिरूप बनाने से रोक सकता है। इसके लिए राइनोवायरस शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को संदेश भेजता है, जो कोरोना वायरस को शरीर में बढ़ने से रोकती है। प्रोफेसर पाब्लो मर्सिया के मुताबिक कॉमन कोल्ड का वायरस हमें कोरोना के प्रभाव के कुछ हद तक सुरिक्षत रखने में सहायक हो सकता है।
विशेषज्ञों की मानें तो अध्ययन से यह तो साफ होता है कि राइनोवायरस, कोरोना के खिलाफ हमें एक सुरक्षाकवच तो दे सकता है लेकिन इसका प्रभाव सीमित समय के लिए होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कोरोना से सुरक्षित रहने का एकमात्र उपाय सावधानियां बरतने के साथ टीकाकरण ही है। इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।