गर्मी के इस मौसम में सेहत से संबंधित कई तरह की चुनौतियां बढ़ जाती हैं। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, ऐसी ही एक समस्या है जिससे अक्सर लोग परेशान देखे जाते हैं। शरीर में पानी की मात्रा बहुत अधिक या कम होने के कारण इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है, इस मौसम में डिहाइड्रेशन या पानी की कमी के कारण यह समस्या सबसे अधिक देखी जाती है।
Electrolyte Imbalance: गर्मी के मौसम में बढ़ जाती है यह गंभीर समस्या, ऐसे लक्षणों को लेकर बरतें विशेष सावधानी
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इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन क्यों होता है?
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन तब हो सकता है जब व्यक्ति के शरीर में पानी का मात्रा बहुत कम हो जाती है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन या पानी की कमी के कई कारण हो सकते हैं। उल्टी-दस्त होना, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न लेना, बहुत ज़्यादा पसीना आना, मूत्रवर्धक दवाओं का सेवन, किडनी या लिवर की बीमारी वाले लोगों में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होने का खतरा अधिक होता है। गर्मी के इस मौसम में सभी लोगों को इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के लक्षणों को लेकर विशेष ध्यान देते रहना चाहिए।
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के लक्षण
हल्के स्तर के इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की स्थिति में वैसे तो ज्यादा लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, हालांकि समस्या बढ़ने पर इसके कुछ संकेत नजर आ सकते हैं। कुछ स्थितियों में रक्त परीक्षण के बिना इस समस्या का पता भी नहीं चल पाता है। समस्या बढ़ने के साथ इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण दिल की धड़कन में अनियमितता, थकान-सुस्ती, जी मिचलाना-उल्टी, दस्त या कब्ज और पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण अगर बने रहते हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन को कैसे ठीक किया जाता है?
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का पता चलने पर डॉक्टर आपकी स्थिति की गंभीरता के आधार पर इलाज की प्रक्रिया को प्रयोग में लाते हैं। सामान्यतौर पर, शरीर में खनिजों की कमी को दूर करने के लिए इंट्रावेनस फ्लूइड और लक्षणों को कम करने के लिए कुछ और दवाइयों को प्रयोग में लाया जा सकता है। हल्के स्तर की समस्या, कुछ सामान्य से उपचार के साथ ठीक की जा सकती है।
इलेक्ट्रोलाइट की कमी से बचने के तरीके
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की समस्या से बचे रहने के लिए या फिर यदि आपको हल्के स्तर के लक्षण हैं तो पानी और तरल पदार्थों की मात्रा को बढ़ाना सबसे सहज तरीक है। हालांकि तरल पदार्थों में स्पोर्ट्स ड्रिंक्स या कोल्ड ड्रिक्स के सेवन से बचना चाहिए। इसके लिए ओआरएस या चीनी-नमक पानी के घोल का दिन में कई बार सेवन करना आपके लिए विशेष फायदेमंद हो सकता है। कुछ स्थितियों में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण गंभीर और जानलेवा समस्या भी हो सकती है। ऐसे में तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक हो जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।