संक्रामक बीमारियां वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा रही हैं। दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ जूनोटिक बीमारियों को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित रहे हैं। जूनोटिक रोग ऐसी संक्रामक बीमारियां हैं जो जानवरों से इंसानों में या इंसानों से जानवरों में फैलती हैं। वायरस, बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी ये किसी भी माध्यम से जानवरों से इंसानों को प्रभावित करने वाली हो सकती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं, इंसानों में होने वाली 60% से अधिक बीमारियां जूनोटिक होती हैं।
Swine Flu: चीन में इंसानों में H1N2 का पहला मामला, जानिए ये H1N1 संक्रमण से कितना अलग और क्या हैं इसके खतरे
चीन में इंसानों में स्वाइन इन्फ्लूएंजा-ए (H1N2) का पहला मामला सामने आया। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, H1N2 सुअरों से फैलने वाला इन्फ्लूएंजा का एक दुर्लभ प्रकार है, जो कभी-कभी सुअरों के संपर्क में आने से इंसानों को संक्रमित कर सकता है।
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H1N2 स्वाइन फ्लू का मामला
हालिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन में H1N2 स्वाइन फ्लू का इंसानों में पहला मामला सामने आया है। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह वायरस मुख्यरूप से सुअरों में पाया जाता है और इंसानों को बहुत दुर्लभ स्थितियों में संक्रमित कर सकता है।
- चीन में दो साल के लड़के में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। उसे बार-बार बुखार और रुक-रुक कर खांसी हो रही थी।
- कई बार अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई। उसे ब्रोंकोनिमोनिया हो गया था जिसके कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
- यहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने परीक्षण में इन्फ्लूएंजा-ए (H1N2) का संक्रमण बताया। फिलहाल पूरी तरह ठीक होने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है।
सुअर से स्वाइन फ्लू होने का खतरा
चीनी सीडीसी के शोधकर्ताओं ने बताया कि बच्चा ऐसे इलाके में रहता था जहां सुअर, मुर्गियां और कबूतरों की संख्या ज्यादा थी। बच्चे के बीमार पड़ने के आसपास एक सुअर की मौत भी हुई थी। बच्चे और मरे हुए सूअर, दोनों के सैंपल में इन्फ्लुएंजा-ए वायरस पाया गया।
- जांच करने वाली टीम ने माना कि संक्रमित सुअर बच्चे तक वायरस पहुंचने का संभावित स्रोत हो सकता है, लेकिन वायरस कैसे बच्चे तक पहुंचा, यह निश्चित रूप से पता नहीं चल पाया। बच्चे के संपर्क में आए 30 अन्य लोगों की जांच की गई। इनमें से किसी में वायरस नहीं मिला और किसी में फ्लू जैसे लक्षण भी विकसित नहीं हुए।
H1N1 और H1N2 में क्या अंतर है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, H1N1 और H1N2 दोनों ही इन्फ्लूएंजा-ए वायरस के सब-टाइप है।
- H1N1 इंसानों में फैलने वाला एक आम मौसमी फ्लू स्ट्रेन है, ये साल 2009 में महामारी का कारण बना था।
- हालांकि H1N2 मुख्य रूप से सूअरों में पाया जाने वाला वायरस है, जो इंसानों में कभी-कभार ही संक्रमण फैलाता है।
- डॉक्टर कहते हैं, जिन स्थानों पर सुअर ज्यादा रहते हैं, वहां छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में इसके संक्रमण का खतरा हो सकता है।
पहले भी रिपोर्ट किए गए हैं H1N2 के मामले
गौरतलब है कि चीन में सामने आया मामला H1N2 का कोई पहला केस नहीं है। अमेरिका और यूरोप में खासकर सुअरों के संपर्क में आने वाले लोगों में इसके मामले पहले भी दर्ज किए गए हैं।
- अमेरिका के सीडीसी की निगरानी के अनुसार, 2010 से मई 2026 तक अमेरिका में H1N2 संक्रमण के 44 मामले सामने आए हैं।
- इस तरह के इंसानी संक्रमण अभी भी दुर्लभ हैं। चिंता तब ज्यादा बढ़ सकती है जब वायरस इंसान से इंसान में लगातार फैलने लगे या वायरस में ऐसे बदलाव आ जाएं जिससे वह इंसानों के बीच ज्यादा आसानी से फैल सके।
H1N2 के क्या लक्षण होते हैं?
सीडीसी के अनुसार, H1N2 इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाली बीमारी आमतौर पर हल्की होती है और इसके लक्षण सामान्य मौसमी फ्लू जैसे ही हो सकते हैं।
- संक्रमितों में बुखार, थकान, भूख कम लगना, खांसी के साथ नाक बहने, गले में खराश, मतली यानी जी मिचलाने जैसी दिक्कतें देखी जाती रही हैं।
- कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर बीमारी का रूप भी ले सकता है और मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है। दुर्लभ मामलों में इससे मौत का भी खतरा हो सकता है।
H1N2v से बचाव कैसे करें?
डॉक्टर कहते हैं, सुअरों के संपर्क में रहने वाले लोगों में इस तरह के संक्रमण के मामले अधिक देखे जाते हैं, ऐसे लोगों को सावधानियां बरतते रहने की सलाह दी जाती है।
- बीमार सुअरों के संपर्क से बचें और जानवरों को छूने के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
- सुअरों के आसपास काम करने वाले लोगों को खास तौर पर स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।
- अगर सुअरों के संपर्क के बाद लगातार बुखार, खांसी या फ्लू जैसे लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से संपर्क करें।
- चीन में सामने आया यह मामला फिलहाल एक दुर्लभ इंसानी संक्रमण है। अभी इंसान से इंसान में इसके लगातार फैलने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
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स्रोत:
First Human Swine Influenza A(H1N2)v Case Detected in China
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