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Diwali 2022: अस्थमा-सांस की बीमारियों के हैं शिकार? पटाखों का धुआं बिगाड़ सकता है आपकी सेहत, ऐसे रहें सुरक्षित

Mon, 24 Oct 2022 12:08 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 24 Oct 2022 12:08 AM IST
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प्रदूषण से सांसों की समस्या होने का खतरा - फोटो : iStock

मिठाइयां, उत्साह और आनंद के पर्व दीपावली का सभी को पूरे साल इंतजार रहता है। पटाखे और जगमगाती रोशनी, इस त्योहार को काफी खास बनाते हैं। हालांकि इस उत्साव के बीच सभी लोगों को अपनी सेहत को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है। विशेषकर जिन लोगों को पहले से ही सांस की बीमारी-अस्थमा की शिकायत हो उनके लिए सावधानियां और भी जरूरी हो जाती हैं। पटाखों को जलाने से होने वाला धुआं अस्थमा, लंग फाइब्रोसिस, एलर्जिक राइनाइटिस और ब्रोंकाइटिस जैसी सांस की बीमारियों को ट्रिगर कर सकता है। अगर आपको भी इस तरह की कोई भी दिक्कत है तो दीपावली में विशेष सतर्कता बरतते रहें।



पुणे स्थित श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ अरिंदम भट्टाचार्य कहते हैं, जिन लोगों को अस्थमा की शिकायत होती है, उनके लिए दीपावली में बरती गई थोड़ी सी भी लापरवाही बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है। शाम के समय जब वातावरण में प्रदूषण बढ़ जाता है ऐसे में सभी को विशेष बचाव करना चाहिए।

पटाखों के धुएं के कारण आउटडोर और इनडोर, दोनों प्रकार के प्रदूषण आपकी दिक्कतों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि से लगातार खांसी, सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, त्वचा की एलर्जी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि जिन लोगों को पहले से ही सांस की दिक्कत है, उन्हें किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है?

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पटाखों के प्रदूषण से बचाव कैसे करें? - फोटो : iStock

सांस के रोगी घर में ही रहें

डॉ अरिंदम कहते हैं, जिन लोगों को पहले से ही सांस की बीमारी जैसे अस्थमा या सांस लेने में तकलीफ की दिक्कत रहती हो, उन्हें धुएं के संपर्क में आने से बचना चाहिए। इसके लिए आपका घर के भीतर ही रहना ज्यादा अच्छा माना जाता है। धुएं के संपर्क में आने के कारण सांस फूलने की दिक्कत हो सकती है, यह अस्थमा को ट्रिगर करने वाला माना जाता है। ऐसे में घर की भीतर रहकर आप इस तरह के जोखिमों को कम कर सकते हैं। हमेशा ध्यान रखें, किसी भी समस्या को बढ़ने से रोकने के लिए बचाव करते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है।

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प्रदूषण से बचाव के लिए पहनें मास्क - फोटो : iStock

मास्क पहनकर रखें

कोविड के इस दौर में वैसे तो सभी लोगों को लगातार मास्क पहनकर रखने की सलाह दी जाती है, पर अगर आपको सांस की तकलीफ-अस्थमा की दिक्कत है तो यह और भी आवश्यक हो जाता है। पटाखों से निकलने वाले धुएं से बचाव के लिए मास्क को काफी मददगार माना जाता है। N95 जैसे मास्क धुआं और प्रदूषण से बचाने में सहायक माने जाते हैं, ये अस्थमा अटैक के खतरे को कम कर सकते हैं। सांस के रोगियों को घर में भी दीपावली के दिन मास्क पहनने की सलाह दी जाती है।

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अस्थमा ट्रिगर होने से कैसे बचें - फोटो : iStock

दवाइयां और इनहेलर पास में रखें

यदि आपको अस्थमा की समस्या है तो किसी भी आपात स्थिति से बचाव के लिए पहले से ही दवाइयों-इनहेलर की व्यवस्था करके रखें। सांस फूलने जैसी दिक्कतों में इनहेलर से आसानी से आराम पाया जा सकता है। इसकी व्यवस्था पहले से ही कर लें। यदि आपको समस्या बढ़ती हुई नजर आती है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। सांस की दिक्कतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

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गुनगुना पानी पीने से होने वाले फायदे - फोटो : istock

गुनगुने पानी का करें सेवन

दीपावली के समय सांस के रोगियों को गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है। यह श्वसन प्रणाली से प्रदूषकों को साफ करने में मदद करने के साथ पाचन में भी सहायक है। गुनगुना पानी पीने से गले से अतिरिक्त कफ को कम किया जा सकता है जिससे सांस फूलने और खांसी की दिक्कत नहीं होती है। हमेशा अपनी सेहत को प्राथमिकता दें, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। 



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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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