शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को रात में अच्छी नींद पूरी करने की सलाह देते हैं। नींद विकारों की स्थिति कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो अक्सर नींद को लेकर परेशान रहते हैं? रात में अच्छी नींद नहीं आती है? अगर हां, तो सावधान हो जाइए, यह टाइप-2 डायबिटीज के कारण होने वाली समस्या भी हो सकती है।
Latest Study: क्या आपको भी सोने में दिक्कत होती है? कहीं यह टाइप-2 डायबिटीज का संकेत तो नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नींद की कमी और डायबिटीज का खतरा
नींद की कमी और डायबिटीज के जोखिमों से संबंध के बारे में जानने के लिए विशेषज्ञों ने 1000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई वयस्कों का आकलन किया, इनकी औसत आयु 45 की थी। इन लोगों से नींद की गुणवत्ता या फिर इससे संबंधित जोखिमों के बारे में जानने की कोशिश की गई। प्रतिभागियों से सोने में परेशानी, नींद की अवधि, समय, गुणवत्ता आदि के बारे में जानने की कोशिश की गई।
कई स्तर पर की गई जांच में पाया गया कि जिन लोगों ने सोने में परेशानी के बारे में बताया, उनमें बॉडी मास इंडेक्स के साथ-साथ कोलेस्ट्रॉल और इंफ्लामेशन मार्कर्स अधिक देखे गए।
नींद की कमी हो सकती है गंभीर
अध्ययन के आधार पर विशेषज्ञों ने पाया इस तरह के मार्कर और जटिलताएं डायबिटीज का कारक हो सकती हैं। इस अध्ययन से पता चलता है, नींद पूरी करना बहुत महत्वपूर्ण है, इसका केवल एक पहलू नहीं है, शरीर पर इसके कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज की दिक्कत रही है और उनकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है तो इसके कारण रोगियों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है। सभी उम्र के लोगों के लिए अच्छी नींद प्राप्त करना बहुत आवश्यक माना जाता है।
क्या है शोधकर्ताओं की राय
अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता डॉ लीसा मैट्रिकियानी कहती हैं, कई विश्लेषणों में नींद की खराब गुणवत्ता को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर बताया जाता रहा है, इस अध्ययन में हमने डायबिटीज के खतरे के बारे में जानने की कोशिश की है। हर कोई जानता है कि नींद महत्वपूर्ण है, लेकिन जब भी नींद के बारे में बात की जाती है तो मुख्यरूप से इस बात पर ध्यान केंद्रित करते हैं कि हमें कितने घंटे की नींद मिलती है, जबकि हमें अपनी नींद के अनुभव को समग्र रूप से देखना चाहिए। नींद की कमी गंभीर जोखिमों को बढ़ावा देने वाली हो सकती है, इस बारे में सभी उम्र के लोगों को ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
अगर आपकी नींद पूरी नहीं होती है या आपकी नींद की गुणवत्ता ठीक नहीं है तो इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। ऐसा करके आप समय रहते डायबिटीज और अन्य क्रोनिक बीमारियों के जोखिम से बचाव कर सकते हैं।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।