डायबिटीज, गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसका साल-दर-साल वैश्विक जोखिम काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है कि जिस गति से पिछले कुछ वर्षों में इस रोग के मामले बढ़ते हुए देखे गए हैं, ऐसे में आशंका है कि साल 2050 तक दुनियाभर में रोगियों की संख्या 130 करोड़ से अधिक हो सकती है। आनुवांशिकता के साथ-साथ लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता जा रहा है, ऐसे में सभी लोगों को इस रोग से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
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डायबिटीज को सिर्फ कंट्रोल कर सकते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज का वैसे तो कोई इलाज नहीं है, लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ लोगों में इसे रिवर्स जरूर किया जा सकता है। आहार में बदलाव और वजन घटाने के माध्यम से ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है।
टाइप-2 डायबिटीज के लक्षणों को कंट्रोल करने का सबसे कारगर तरीका है कि आप अपने वजन को कंट्रोल रखें। कुछ किलो वजन कम करने से आपको मधुमेह का प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है, यह मधुमेह के कारण होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं को भी कम करने में भी सहायक है।
अध्ययन में क्या पता चला?
इंग्लैंड के अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि मधुमेह के रोगियों को वजन कम करने के अलावा जिस एक बात पर ध्यान रखना बहुत जरूरी माना जाता है वो है- लो कैलोरी वाले आहार का सेवन। अधिक कैलोरी वाली चीजों का सेवन करने से न सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा रहता है साथ ही इसके कारण आपका वजन भी बढ़ सकता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने 2-5 महीनों के लिए प्रतिदिन 625-850 कैलोरी या इससे कम का सेवन किया, उनके लिए शुगर के लेवल को कंट्रोल करना अधिक आसान था। लो कैलोरी डाइट के साथ वजन को कंट्रोल करना आपके मधुमेह के स्तर को नियंत्रित करने में काफी सहायक हो सकता है।
डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए करें उपाय
डायबिटीज को कैसे कंट्रोल किया जाए इसको लेकर किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि प्रतिदिन 10,000 कदम चलने और सप्ताह में कम से कम ढाई घंटे के मध्यम स्तरीय व्यायाम करने से न सिर्फ शुगर के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है साथ ही यह हृदय रोगों के जोखिमों को कम करने में भी आपके लिए लाभकारी हो सकती है। शारीरिक सक्रियता को बढ़ाना शरीर को स्वस्थ रखने और इसके कारण होने वाली जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
अगर आपको डायबिटीज की समस्या नहीं भी है तो भी इसे कंट्रोल करने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए क्योंकि लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इस रोग का खतरा सभी लोगों में बना हुआ है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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