Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik
सर्दी-खांसी से लेकर वायरल फीवर तक बारिश के मौसम में होने वाली आम बीमारियां हैं, जो किसी को भी प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन यह मौसम कमजोर इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) वालों के लिए बहुत सारी दिक्कतें पैदा कर सकता है। इसी तरह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह मौसम आफत ही लेकर आता है, क्योंकि डायबिटीज की वजह से उनकी इम्यूनिटी पहले से ही कमजोर होती है और ऐसे में उनके बीमार पड़ने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए जो लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, उन्हें इस मौसम में खास देखभाल की जरूरत होती है। वैसे तो डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति को हर समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है और अपने खानपान का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। आइए जानते हैं कि बारिश के मौसम में डायबिटीज के मरीजों को किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ नहीं और दिक्कतें पैदा न हों।
सलाह: बारिश के मौसम में डायबिटीज के मरीज जरूर रखें इन बातों का ख्याल, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें
बाहर के खाने से बचें
- बारिश के मौसम में बाहर का खाना किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता है और खासकर डायबिटीज के मरीजों को तो ऐसा खाना बिल्कुल भी नहीं खाना चाहिए, क्योंकि छोटी सी भी लापरवाही उनके लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। बेहतर होगा कि घर का बना खाना ही खाएं।
फल-सब्जियों को अच्छी तरह धो लें
- डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे फलों और सब्जियों का सेवन करने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धो लें, ताकि उनमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस मर जाएं। दरअसल, बारिश के मौसम में इनका खतरा अधिक होता है, इसलिए सावधान रहें।
बारिश में भीगें नहीं
- अक्सर लोग बारिश के मौसम में भींगना पसंद करते हैं, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। उन्हें खुद को सूखा रखना चाहिए। यह बरसात में तरह-तरह के संक्रमण से बचने का सबसे बेहतर उपाय है।
भरपूर मात्रा में पानी पिएं
- डायबिटीज के मरीजों को तो पानी भरपूर मात्रा में पीना चाहिए, क्योंकि उनके शरीर में पानी की कमी होने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में पानी की कमी डायबिटीज वालों के लिए अधिक जटिलताएं पैदा कर सकता है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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