राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और जम्मू से लेकर दक्षिण के राज्य तमिलनाडु तक, डेंगू के केस देशभर में बढ़ रहे हैं। दिल्ली में डेंगू के खतरे को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अधिकारियों को मच्छर जनित रोग से बचाव के लिए सभी निवारक उपाय करने के निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों में दवाओं और बेडों की आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके साथ सभी लोगों को इस जानलेवा बीमारी से खुद को बचाने के लिए सावधानी बरतने का भी आग्रह किया है।
Dengue: जम्मू से तमिलनाडु तक देशभर में बढ़ा डेंगू, डॉक्टर बोले- बच्चों में गंभीर हो सकते हैं लक्षण, रहें अलर्ट
जम्मू से लेकर तमिलनाडु तक बढ़ रहे हैं केस
जम्मू-कश्मीर से मिल रही जानकारियों के मुताबिक सोमवार को यहां राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 60 नए मामले दर्ज किए गए, इसके साथ राज्य में इस साल डेंगू के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4330 हो गई है। दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी अक्तूबर के महीने में अस्पतालों में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है।
आईसीएमआर की एक रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में 2012-19 के बीच राष्ट्रीय औसत 2.1 के मुकाबले डेंगू के मामलों में 14 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। अकेले अक्तूबर में ही लगभग 100 मामले दर्ज किए गए हैं। डेटा से पता चलता है कि 9-17 वर्ष की आयु के बच्चे एक दशक में संक्रमण की चपेट में अधिक आए हैं।
बच्चों में गंभीर हो सकते हैं संक्रमण के लक्षण
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकता से प्राप्त हो रही जानकारियों के मुताबिक यहां निजी अस्पतालों में वायरस से प्रभावित बच्चों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। अक्तूबर माह में ही 150 से अधिक लोग बच्चों तो अस्पताल और आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर्स कहते हैं, बच्चों में डेंगू के मामलों के तेजी से गंभीर रूप लेने का भी खतरा अधिक देखा जाता रहा है। चूंकि बच्चों के दिन का अधिकतर समय स्कूलों में बीतता है ऐसे में परिजनों और स्कूल प्रशासन दोनों को डेंगू से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उपाय करते रहना चाहिए।
गंभीर लक्षणों पर दें ध्यान
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू के लक्षण वयस्कों और बच्चों में लगभग एक जैसे ही रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। इनमें अचानक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द (विशेषकर आंखों के पीछे), शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द और त्वचा पर दाने-चकत्ते की समस्या हो सकती है। इसके अलावा लगातार उल्टी, मसूड़ों से खून आना, शौच से खून आने और पेट में दर्द जैसी स्थितियां गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती हैं, जिसमें तुरंत डॉक्टरी सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
डेंगू से बचाव के लिए बरतें अतिरिक्त सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से इन दिनों देशभर में डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में सभी लोगों के लिए जरूरी है कि आप अतिरिक्त सावधानी बरतें। खुद से दवा लेना और लक्षणों पर ध्यान देते हुए तुरंत चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है। मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए दवाओं का छिड़काव कराएं और घरों के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें। दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने से डेंगू संचरण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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