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कोरोना की दूसरी लहर के बाद पिछले 15 दिनों से देशभर में रोजाना संक्रमण के मामलों में कमी देखी जा रही है। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 54069 नए मामले दर्ज किए गए हैं। संक्रमण के कम होते मामलों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर के बारे में लोगों को चेताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट दुनियाभर में तेजी से फैल रहा है, इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। डेल्टा वेरिएंट को प्रकृति से काफी खतरनाक माना जा रहा है, देश में इससे संक्रमितों के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं, ऐसे में इस वेरिएंट को लेकर सभी को विशेष सावधान रहना चाहिए। हमें यह भी मान कर के चलना चाहिए कि देश में तीसरी लहर दस्तक दे रही है, इस समय बरती गई लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
गुरुवार को कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट के कारण होने वाली मौत का पहला मामला भी सामने आया है। इसके अलावा तमाम राज्यों से लगातार डेल्टा वेरिएंट का कारण संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। दुनिया के कई देशों में भी डेल्टा वेरिएंट गंभीर समस्या उत्पन्न कर रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या डेल्टा वेरिएंट और इसके म्यूटेशन को कोरोना की तीसरी लहर का कारण माना जा सकता है?
विशेषज्ञ की चेतावनी: यह वेरिएंट ला सकता है कोरोना की तीसरी लहर, कई देशों में तेजी से बढ़े मामले
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डेल्टा वेरिएंट बना समस्या का कारण
कोरोना की तीसरी लहर के बारे में चर्चा करने से पहले आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट दुनियाभर में कितनी तेजी से बढ़ता जा रहा है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक दुनिया के करीब 85 देशों से डेल्टा वेरिएंट के मामले रिपोर्ट किए गए हैं। कोरोना के अल्फा वेरिएंट की तुलना में डेल्टा वेरिएंट ज्यादा संक्रामक हो सकता है। इस बीच ब्रिटेन में डेल्टा वेरिएंट के कारण पिछले 24 घंटे में कोरोना के मामलों में 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं अमेरिका स्थित व्हाइट हाउस के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉक्टर एंथोनी फौसी ने चेतावनी दी है कि डेल्टा वेरिएंट, कोविड-19 महामारी से निपटने के अमेरिका के प्रयासों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
क्या डेल्टा प्लस वेरिएंट के कारण आएगी तीसरी लहर?
भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर के लिए डेल्टा वेरिएंट को मुख्य कारण माना गया था। इस वेरिएंट में म्यूटेशन के साथ सामने आए डेल्टा प्लस वेरिएंट को विशेषज्ञ और भी खतरनाक मान रहे हैं। अमर उजाला से बातचीत में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगर कहते हैं, संभावित तीसरी लहर के लिए डेल्टा प्लस वेरिएंट को कारक के रूप में देखा जा सकता है। कई राज्यों में इससे संबंधित मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसे तीसरी लहर के दस्तक के रूप में लेकर लोगों को अलर्ट होने की जरूरत है। बचाव के उपायों को प्रयोग में लाकर ही इससे सुरक्षित रहा जा सकता है।
'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' है कोरोना का यह नया रूप
कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट की संक्रामकता और इसकी प्रकृति को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' के रूप में वर्गीकृत कर दिया है। इसका मतलब है कि यह वेरिएंट ज्यादा संक्रामक हो सकता है साथ ही शरीर में बनी एंटीबॉडीज को भी चकमा दे सकता है। सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि देश में इस वेरिएंट के कारण संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश से इसके मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों (विशेषकर इन तीन राज्यों) के मुख्य सचिवों को संक्रमण के तत्काल रोकथाम के उपाय करने की सलाह दी है।
तीसरी लहर से कैसे रहें सुरक्षित?
डॉ अनिल बताते हैं, दूसरी लहर के दौरान देश में कई ऐसे लोगों में भी यूके वेरिएंट्स के मामले सामने आए थे जो कभी यूके गए ही नहीं। ऐसे में डेल्टा वेरिएंट् से हमें काफी सावधान रहने की जरूरत है। लोगों को बचाव के सभी उपायों को निरंतर प्रयोग में लाते रहना चाहिए। जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है संभव है कि उनमें इसका ज्यादा असर देखने को न मिले, हालांकि अन्य लोगों में इसका खतरा ज्यादा हो सकता है। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए सभी जरूरी उपायों को लगातार प्रयोग में लाते रहना चाहिए। सभी लोगों को टीकाकरण जरूर कराना चाहिए। कोरोना से बचाव ही आपको तीसरी लहर से सुरक्षा दे सकता है।
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नोट: यह लेख तमाम अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टस और इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी, डॉ अनिल डोंगरे से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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