अलग-अलग देशों में अब तक कोरोना की कई वैक्सीन आ चुकी हैं, लेकिन वो आखिर कब तक कोरोना वायरस से सुरक्षा देंगी, यह हमेशा से सवाल उठता रहा है। कोई कहता है कि वैक्सीन से बनी इम्यूनिटी छह महीने रहेगी, तो कोई कहता है कि आठ महीने। अब अमेरिका की बायोटेक कंपनी मॉडर्ना ने दावा किया है कि उसकी बनाई वैक्सीन से कम से कम एक साल तक कोरोना के खिलाफ इम्यूनिटी बनी रहेगी, यानी वह कोरोना से एक साल तक सुरक्षा देगी। हालांकि इससे पहले कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बैंसेल ने कहा था कि उनकी वैक्सीन कुछ सालों तक लोगों को कोरोना वायरस से सुरक्षा प्रदान करेगी।
Coronavirus Vaccine: इस वैक्सीन से कम से कम एक साल तक मिलेगी कोरोना से सुरक्षा, कंपनी ने किया दावा
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जब दुनियाभर में वैक्सीन बनाने का काम चल रहा था, तब इस रेस में मॉडर्ना को काफी आगे माना जा रहा था। हालांकि यह अभी भी टॉप वैक्सीन की श्रेणी में ही है। इस वैक्सीन को सबसे पहले आपातकालीन इस्तेमाल के लिए ब्रिटेन ने मंजूरी दी थी, उसके बाद अमेरिका ने और अब तो यूरोपीय संघ ने भी इस वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।
क्या नए स्ट्रेन पर भी कारगर है मॉडर्ना की वैक्सीन?
- मॉडर्ना की वैक्सीन को कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी कारगर माना जा रहा है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीफन बैंसेल ने कहा है कि मॉडर्ना कंपनी यह साबित करने वाली है कि उनकी वैक्सीन ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी होगी।
बिना लक्षण वाले मरीजों पर भी असरदार है यह वैक्सीन
- मॉडर्ना का दावा है कि उसकी वैक्सीन बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों पर भी असरदार है। कंपनी के मुताबिक, मॉडर्ना वैक्सीन की पहली खुराक देते ही बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों पर असर होने लगता है। हालांकि कंपनी ने यह भी कहा है कि इस संबंध में अभी उसका विश्लेषण पूरा नहीं हुआ है, यह सिर्फ शुरुआती परीक्षणों के आधार पर कहा जा रहा है।
कितनी प्रभावी है मॉडर्ना की वैक्सीन?
- इस वैक्सीन की प्रभावशीलता को लेकर हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी, जिसके मुताबिक इस वैक्सीन के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के विश्लेषण के नतीजों से यह पता चलता है कि यह कोरोना के संक्रमण को रोकने और गंभीर बीमारी की स्थिति में 94.1 फीसदी असरदार है। इस संबंध में अध्ययन 'द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन' नामक शोध पत्रिका में भी प्रकाशित हुआ था।