{"_id":"5fcc9e5b8ebc3ecf9a2ad49f","slug":"coronavirus-vaccine-tracker-covid-19-vaccine-latest-update-corona-vaccine-pre-order-india","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Coronavirus Vaccine: किस देश ने वैक्सीन की कितनी डोज का किया है प्री-ऑर्डर? जानिए भारत समेत पूरी दुनिया का हाल","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Coronavirus Vaccine: किस देश ने वैक्सीन की कितनी डोज का किया है प्री-ऑर्डर? जानिए भारत समेत पूरी दुनिया का हाल
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 06 Dec 2020 02:40 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना वायरस वैक्सीन
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अब वो दिन दूर नहीं है जब बाजार में कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध होगी। भारत में तो हालांकि वैक्सीन के इस्तेमाल को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन ब्रिटेन दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने फाइजर की वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी है। उसने पहले ही वैक्सीन की करोड़ों डोज का ऑर्डर दे दिया था। हालांकि इस मामले में तो भारत भी पीछे नहीं है। एक वैश्विक विश्लेषण के मुताबिक, दुनियाभर में सबसे ज्यादा कोरोना की वैक्सीन का प्री-ऑर्डर भारत का है। भारत ने वैंक्सीन की 160 करोड़ डोज को सुरक्षित कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश के 80 करोड़ लोग कवर हो जाएंगे यानी देश की 60 फीसदी आबादी। ऐसे में हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो सकती है।
2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी ग्लोबल हेल्थ इनोवेशन सेंटर की मानें तो भारत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन, जिसे भारत में सीरम इंस्टीट्यूट 'कोवीशील्ड' नाम से लॉन्च करेगी, की 50 करोड़ खुराक खरीदने के लिए करार किया है। इसके अलावा अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स से 100 करोड़ खुराक और रूस से स्पूतनिक-वी वैक्सीन की 10 करोड़ खुराक खरीदने के लिए भारत ने करार किया है।
3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाकी देशों में अमेरिका ने वैक्सीन की 101 करोड़ खुराक, कनाडा ने 36 करोड़, ब्रिटेन ने 36 करोड़, इंडोनेशिया ने 35 करोड़, जापान ने 29 करोड़, ब्राजील ने 19 करोड़ और मैक्सिको ने 16 करोड़ खुराक के लिए करार किया है। इसके अलावा कोवैक्स प्लान के तहत वैक्सीन के 70 करोड़ डोज के लिए करार हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
दरअसल, कोवैक्स गावी, विश्व स्वास्थ्य संगठन और सीईपीआई का समन्वित समूह है, जिसका मकसद है कि है कि जो वैक्सीन नहीं खरीद सकते, उन तक भी इसे पहुंचाया जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया की करीब 20 फीसदी आबादी पूरी तरह से कोवैक्स पर निर्भर है।
विज्ञापन
5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
वैश्विक विश्लेषण के मुताबिक, कई देशों ने तो अपनी आबादी से काफी ज्यादा वैक्सीन प्री-ऑर्डर किया है। इसमें कनाडा से लेकर ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, चिली आदि देश हैं। कनाडा ने तो अपनी आबादी से 527 फीसदी ज्यादा वैक्सीन प्री-ऑर्डर किया है जबकि अमेरिका ने 169 फीसदी, ब्रिटेन ने 288 फीसदी, ऑस्ट्रेलिया ने 266 फीसदी और चिली ने 223 फीसदी। असल में ऐसा करने के पीछे एक बड़ी वजह ये बताई जा रही है कि अगर कोई वैक्सीन कारगर नहीं हो पाई तो कम से कम उन देशों के पास पहले से ही वैक्सीन के इतने डोज उपलब्ध होंगे कि वो अपनी पूरी आबादी को दे सकें। हालांकि इसपर कई बार चिंता भी जताई जा चुकी है कि ऐसे में कम आय वाले देश वैक्सीन से वंचित रह सकते हैं, जिससे महामारी को खत्म करना मुश्किल हो सकता है। खैर, अब तो ये पूरी तरह तभी स्पष्ट हो पाएगा जब तक कि कई वैक्सीन बाजार में उपलब्ध नहीं हो जातीं।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।