कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के बीच ब्रिटेन ने ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन 'कोवीशील्ड' को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। मंजूरी पाने वाली यह दुनिया की नौवीं वैक्सीन है, यानी इससे पहले अलग-अलग कंपनियों की आठ वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है, जिसके तहत कई देशों में टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं। इन नौ वैक्सीन में चीन की चार वैक्सीन, रूस की दो, अमेरिका की दो और ब्रिटेन की एक वैक्सीन शामिल है। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन 'कोवीशील्ड' शुरुआती नतीजों में 90 फीसदी तक असरदार पाई गई है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत में भी इसके आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। माना जा रहा है कि अब जल्द ही यहां भी इसको मंजूरी मिल जाएगी और उसके बाद भारत में भी टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। आइए जानते हैं उन सभी नौ वैक्सीन के बारे में, जिन्हें आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिली है...
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Coronavirus Vaccine: मंजूरी पाने वाली दुनिया की नौवीं वैक्सीन है 'कोवीशील्ड', जानें सभी टीकों के बारे में ताजा अपडेट्स
Wed, 30 Dec 2020 05:27 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 30 Dec 2020 05:27 PM IST
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Coronavirus vaccine updates
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फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन
- अमेरिकी कंपनी फाइजर और जर्मन कंपनी बायोएनटेक की वैक्सीन तीसरे चरण के ट्रायल में 95 फीसदी असरदार पाई गई है। ब्रिटेन ने इसे सबसे पहले दो दिसंबर को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी थी। उसके बाद से अब तक 16 देश इसे मंजूरी दे चुके हैं। ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में तो टीकाकरण अभियान के तहत इसी वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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मॉडर्ना की वैक्सीन
- अमेरिका कंपनी मॉडर्ना ने भी दावा किया है कि उसकी कोरोना वैक्सीन 94.5 फीसदी तक असरदार है। कंपनी ने यह दावा अंतिम चरण के ट्रायल के नतीजों के आधार पर किया है। अमेरिका ने अपने यहां इसके आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है। यहां टीकाकरण अभियान में इस वैक्सीन को भी शामिल किया गया है। बीते मंगलवार को अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी इसी वैक्सीन की पहली खुराक ली है।
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रूस की वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी'
- रूस की गमलेया इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी' कोरोना के खिलाफ 91.4 फीसदी असरदार है। यह आंकड़ा वैक्सीन की पहली खुराक देने के 21 दिन बाद के डाटा के विश्लेषण पर आधारित है। रूस ने अगस्त महीने में ही इसके आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। रूस के अलावा अर्जेंटीना ने भी इसे मंजूरी दे दी है और इसी के साथ इस वैक्सीन को मंजूरी देने वाला वह पहला लैटिन अमेरिकी देश बन गया है।
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CoronaVirus Vaccine China
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चीन में चार वैक्सीन को मिल चुकी है मंजूरी
- चीन में अब तक चार वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें सिनोवैक की वैक्सीन, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन, बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन और कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक की वैक्सीन शामिल है। सिनोवैक को चीन में जुलाई में ही आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी। इसके अंतिम चरण के ट्रायल ब्राजील, इंडोनेशिया और तुर्की में शुरू हुए हैं। वहीं, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन को संयुक्त अरब अमीरात ने सितंबर में ही आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी। इसके अलावा बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स/सिनोफार्म की वैक्सीन को चीन के साथ संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन मंजूरी दे चुके हैं, जबकि कैनसिनो बायोलॉजिकल इंक की वैक्सीन को चीन की सेना ने 25 जून को ही एक साल के लिए मंजूरी दे दी थी। सऊदी अरब, पाकिस्तान और रूस में इसके तीसरे चरण के ट्रायल शुरू हुए हैं।