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भारत में कब मिल सकता है मास्क से छुटकारा? लोगों को बेसब्री से है इस दिन का इंतजार

Mon, 17 May 2021 03:32 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रकाश चंद जोशी Updated Mon, 17 May 2021 03:32 PM IST
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coronavirus update If there is freedom from the mask then vaccination in the country has to be completed fast
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

डॉ. परवेश मलिक 


फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का कहर जारी है। साथ ही कई राज्यों में लॉकडाउन भी लगा हुआ है। ऐसे में लोगों को बिन जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है और मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका में उन लोगों को बिना मास्क रहने की इजाजत दे दी गई है, जो लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर भारत में ये दिन कब आएगा? जब भारत के लोग भी बिना मास्क के घूम पाएंगे? तो चलिए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

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covid 19 vaccine - फोटो : PTI

दरअसल, इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि जहां अमेरिका में 25 करोड़ से ज्यादा कोरोना वैक्सीन की डोज लग चुकी है, तो वहीं भारत में अब तक 18 करोड़ लोगों को ही वैक्सीन लगी है। हमारे देश में कोरोना के मामलों में राहत देखने के लिए कम से कम 50 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग जाए, तब कहीं जाकर बात बनेगी। हालांकि, अनुमान है कि जुलाई से मौजूदा वैक्सीन कंपनियां अपना प्रोडक्शन बढ़ाएंगी, ऐसे में जुलाई से ही रोजाना 90 लाख से लेकर एक करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकेगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

साल के अंत तक मास्क से छुटकारा?

  • वहीं, बात अगर मास्क की करें, तो माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक मास्क से छुटकारा मिल जाए। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि दिसंबर तक भारत के पास 2 बिलियन वैक्सीन होंगी। वहीं, अगर जुलाई से 90 लाख से लेकर एक करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जाता है, तो फिर दिसंबर तक लगभग 100 करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग सकती है। ऐसे में ज्यादा लोगों को वैक्सीन लग चुकी होगी, तो संक्रमण फैलने के चांस कम हो जाएंगे। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के आखिर तक मास्क से छुटकारा मिल जाए, लेकिन इसके लिए विशेषज्ञ मानते हैं कि वैक्सीनेशन की गति को काफी तेजी से बढ़ाने की जरूरत है।
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vaccine, vaccination - फोटो : अमर उजाला

क्या कहते हैं मौजूदा हालात?

  • वहीं, बात अगर मौजूदा समय की करें तो अभी के हालात को देखकर हम मास्क उतारने की सोच भी नहीं सकते हैं। अगर हमें ऐसी स्थिति में पहुंचना है तो इसके लिए हमें रोजाना 50-60 लाख लोगों को वैक्सीन लगानी होगी, जिसके चलते एक महीने में 15 करोड़ लोग ऐसे होंगे जो वैक्सीन लगवा चुके होंगे और दिसंबर तक ये आंकड़ा 100 करोड़ के आसपास होगा। तब जाकर शायद हम अमेरिका की तरह ही मास्क उतारने के बारे में सोच सकें।
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Double mask - फोटो : istock

मास्क क्यों है जरूरी?

  • कोरोना वायरस की शुरुआत से ही डॉक्टर्स, वैज्ञानिक, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और सरकारें इस बात को कह रही हैं कि अगर कोरोना वायरस से बचना है, तो घर से बाहर जाते समय, भीड़भाड़ वाली जगह पर, किसी से मिलते समय आदि वक्त में मास्क पहनना जरूरी है। यही नहीं, अब तो डबल मास्क पहनने तक के लिए कहा जा रहा है, ताकि हम इस वायरस से बचें रह सकें। कोरोना वायरस हमारे मुंह और नाक के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। ऐसे में मास्क ही वो हथियार है, जो हमें इस वायरस से बचाने में काफी हद तक मदद कर सकता है। 


नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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