कोरोना के इलाज के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आयुष मंत्रालय ने जब उपचार प्रोटोकॉल जारी किया था, तो इसका आईएमए यानी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने पुरजोर विरोध किया था। हालांकि मंत्रालय ने स्पष्ट किया था, उपचार प्रोटोकॉल को एलोपैथिक इलाज का विकल्प नहीं बताया गया है। इधर, भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने केवल आयुर्वेदिक दवाओं के जरिए कोरोना संक्रमित मरीज को महज छह दिनों के अंदर स्वस्थ करने में सफलता हासिल की है। स्वास्थ्य शोध पत्रिका 'जर्नल ऑफ आयुर्वेद' में यह केस स्टडी प्रकाशित की गई है। दावा है कि मरीज का इलाज पूरी तरह आयुर्वेदिक दवाओं से किया गया है।
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आयुर्वेदिक औषधि (सांकेतिक तस्वीर)
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स्वास्थ्य जर्नल में प्रकाशित केस स्टडी के मुताबिक, करीब एक महीने पहले टाइफाइड से पीड़ित मरीज कोरोना संक्रमित भी पाया गया। वह कोरोना के माइल्ड लक्षणों वाला मरीज था और उसकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद में डाक्टरों ने पूरी तरह से आयुर्वेदिक दवाओं से उसका उपचार शुरू किया। इस दौरान मरीज को एलोपैथ की कोई भी दवा नहीं दी गई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इस केस स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। दावा है कि मरीज महज छह दिन पूरी तरह ठीक हो गया और फिर से जांच में वह कोरोना निगेटिव पाया गया। मरीज को इलाज के दौरान आयुष क्वाथ, शेषमणि वटी और लक्ष्मी विलास रस के साथ फीफाट्रोल दी गई। ये दवाएं कोरोना के मरीजों के आयुर्वेदिक इलाज के लिए जारी किए गए उपचार प्रोटोकॉल में शामिल हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आयुष क्वाथ, शेषमणि वटी और लक्ष्मी विलास रस आयुर्वेद का पुराना फार्मूलेशन है, जबकि फीफाट्रोल को नए फार्मूलेशन के साथ एमिल फार्मास्युटिकल्स नाम की कंपनी ने तैयार किया है। रोग निदान और विकृति विज्ञान के चिकित्सक डॉ. शिशिर कुमार मंडल के मुताबिक, यह केस स्टडी कोरोना के उपचार में आयुर्वेद की उपयोगिता का सबूत है।
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Coronavirus prevention
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डॉ. शिशिर के मुताबिक, आयुर्वेदिक दवाओं की बदौलत मध्यम लक्षणों वाला वह मरीज गंभीर रूप से बीमार होने से भी बच गया और महज छह दिन में कोरोना से पूरी तरह मुक्त हो गया। बता दें कि बीते छह अक्तूबर को स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुर्वेद से कोरोना के इलाज का प्रोटोकॉल जारी किया था, जिसपर आईएमए ने सवाल उठाया था। 'जर्नल ऑफ आयुर्वेद' में प्रकाशित यह केस स्टडी आयुर्वेद से कोरोना के इलाज का प्रमाण कहा जा सकता है।
(नोट: आयुर्वेद की दवाओं से उक्त मरीज का उपचार विशेषज्ञों की निगरानी में किया गया है। कोरोना महामारी के इलाज में किसी भी तरह की दवा का इस्तेमाल न करें। कोरोना के इलाज के लिए चिकित्सक से ही सलाह लें और बताई गई दवाओं का सेवन करें। )