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Coronavirus: ऐसे लोग दूसरों की तुलना में ज्यादा तेजी से फैला सकते हैं कोरोना वायरस, शोध में दावा

Sat, 06 Mar 2021 08:23 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Sat, 06 Mar 2021 08:23 AM IST
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Coronavirus new study says These People Can Spread Covid 19 Faster Than Others
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

भले ही दुनियाभर में टीकाकरण शुरू हो गया है, लेकिन हम अभी भी कोविड-19 से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे हैं। संक्रमण के बढ़ने का कारण कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं करना हो सकता है, लेकिन मामलों की बढ़ती संख्या का एक और प्रमुख कारण सुपरस्प्रेडर्स भी हैं, जो दूसरों की तुलना में तेजी से यह संक्रामक वायरस फैला रहे हैं। चूंकि इस बीमारी के लक्षण हर किसी के लिए अलग-अलग हो सकते हैं और ये लक्षण किसी में दिखते हैं और किसी में नहीं, ऐसे में कुछ लोग वायरस को दूसरों में भी फैला सकते हैं। संभवतः ऐसे लोग महामारी के प्रसार को ईंधन देने का काम करते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर कौन लोग दूसरों की तुलना में ज्यादा तेजी से कोरोना वायरस का संक्रमण फैला सकते हैं? 

Coronavirus new study says These People Can Spread Covid 19 Faster Than Others
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

उच्च बॉडी मास इंडेक्स वाले लोग 

  • प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाशित एक नए अध्ययन में देखा गया है कि मोटापे से पीड़ित लोग, जो कि उच्च बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) वाले हैं, उनसे दूसरों में संक्रमण फैलने का जोखिम अधिक है। इसकी वजह ये है कि ऐसे लोग हवा में अधिक श्वसन बूंदों को बाहर निकालने में सक्षम होते हैं। ऐसे में संक्रामक कोरोना वायरस के कण भी उनके माध्यम से बाहर निकलते हैं और वो दूसरे लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं। यह निष्कर्ष 194 लोगों पर किए गए एक सर्वे के बाद आया था, जिसमें पाया गया था कि जिन लोगों के बॉडी मास इंडेक्स का स्तर अधिक था, वे उन लोगों की तुलना में अधिक जैव एयरोसोल निकालते थे, जिनका बॉडी मास इंडेक्स नियंत्रित था। 
Coronavirus new study says These People Can Spread Covid 19 Faster Than Others
कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay

उच्च बॉडी मास इंडेक्स वाले बुजुर्ग 

  • अगर कोई बुजुर्ग है और बॉडी मास इंडेक्स उच्च है, तो वह भी कोरोना वायरस का सुपरस्प्रेडर हो सकता है, क्योंकि इस उम्र में अक्सर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में जब वो खांसते या छींकते हैं तो ज्यादा श्वसन कण बाहर निकालते हैं। इन्हीं कणों के साथ कोरोना वायरस हवा में मिल जाता है और इससे ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा रहता है। 
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Coronavirus new study says These People Can Spread Covid 19 Faster Than Others
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

युवा वयस्क 

  • पिछले कई शोधों में युवा व्यस्कों को भी सुपरस्प्रेडर की श्रेणी में रखा गया है। अध्ययनों के मुताबिक, ऐसे लोगों के न सिर्फ कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमित होने की संभावना अधिक रहती है, बल्कि उनमें से कई एसिम्प्टोमेटिक भी होते हैं यानी उनमें कोरोना के लक्षण दिखते ही नहीं है। इस स्थिति में चूंकि उन्हें तो लगता है कि वो तो कोरोना से संक्रमित हैं ही नहीं, जबकि असल में वे संक्रमित भी हैं और दूसरों में भी संक्रमण फैला रहे होते हैं। निवारक उपायों की कमी, जैसे मास्क पहनने के प्रति असावधानी भी उन्हें संक्रमण के प्रति अतिसंवेदनशील बना सकती है। 
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