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अध्ययन: कोरोना से ठीक होने के बाद भी खतरा, फेफड़ों पर लंबे समय तक रहता है गंभीर असर

Sun, 30 May 2021 10:53 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, लंदन
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: सोनू शर्मा Updated Sun, 30 May 2021 10:53 AM IST
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Coronavirus new study says covid 19 may cause long term lungs damage
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

कोरोना वायरस फेफड़ों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर देता है। इसको लेकर कई शोध भी हो चुके हैं और कोरोना मरीजों में यह देखने को भी मिल रहा है। अब वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के दौरान यह पाया है कि अगर कोरोना मरीज संक्रमण से ठीक हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई, उसके कम से कम तीन महीने बाद और कुछ मरीजों में तो इससे भी अधिक समय तक कोरोना वायरस फेफड़ों को लगातार नुकसान पहुंचाते रहता है। उन्होंने नोट किया कि हाइपरपोलराइज्ड जीनन एमआरआई (XeMRI) स्कैन में अस्पताल छोड़ने के तीन महीने से अधिक समय बाद भी कुछ कोरोना मरीजों के फेफड़ों में असामान्यताएं पाई गईं। 

Coronavirus new study says covid 19 may cause long term lungs damage
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

ब्रिटेन के शेफील्ड और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों में फेफड़ों का ये नुकसान नियमित सीटी स्कैन और नैदानिक परीक्षणों ((क्लीनिकल टेस्ट) में पता नहीं चला था और ऐसे में जाहिर है कि मरीजों को बताया जाएगा कि उनके फेफड़े सामान्य हैं, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इसकी जांच के लिए ही हाइपरपोलराइज्ड जीनन एमआरआई (XeMRI) स्कैन की जरूरत पड़ी। 

Coronavirus new study says covid 19 may cause long term lungs damage
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दरअसल, हाइपरपोलराइज्ड जीनन एमआरआई (XeMRI) स्कैन से फेफड़ों के उन हिस्सों का पता लगाया जा रहा है, जहां फेफड़ों पर कोरोना वायरस के लंबे समय तक प्रभाव के कारण ऑक्सीजन लेने की क्षमता प्रभावित हुई है, भले ही वो सीटी स्कैन में सामान्य दिखते हैं।  

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Coronavirus new study says covid 19 may cause long term lungs damage
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

प्रमुख शोधकर्ता फेरगस ग्लीसन ने कहा कि कोरोना के कई मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी कई महीनों तक सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है, जबकि सीटी स्कैन से पता चलता है कि उनके फेफड़े सामान्य रूप से ही काम कर रहे हैं, लेकिन जब हाइपरपोलराइज्ड जीनन एमआरआई (XeMRI) स्कैन किया गया, तो पाया गया कि सीटी स्कैन में न दिखने वाली असामान्यता फेफड़ों के सभी हिस्सों में सामान्य रूप से ऑक्सीजन पहुंचने से रोकती है। 

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Coronavirus new study says covid 19 may cause long term lungs damage
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

रेडियोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन से यह भी पता चलता है कि जिन कोरोना मरीजों को अस्पतालों में भर्ती नहीं किया गया है, लेकिन वो लंबे समय तक सांस लेने में तकलीफ का अनुभव करते हैं, तो उनके फेफड़ों में भी इसी तरह की क्षति हो सकती है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि इसकी पुष्टि के लिए बड़े पैमाने पर अध्ययन करने की जरूरत है।  

स्रोत और संदर्भ:   
Hyperpolarized 129Xe MRI Abnormalities in Dyspneic Participants 3 Months after COVID-19 Pneumonia: Preliminary Results 
https://pubs.rsna.org/doi/full/10.1148/radiol.2021210033 

अस्वीकरण नोट: यह लेख रेडियोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 

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