दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर अब चार करोड़ के पार हो गए हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी 11 लाख 15 हजार के ऊपर है। हालांकि दो करोड़ 99 लाख से अधिक लोग अब तक इसके संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैं, यानी दुनियाभर में सक्रिय मामलों की संख्या फिलहाल एक करोड़ के आसपास ही है। वहीं, भारत में भी कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां 65 लाख 97 हजार से अधिक लोग अब तक कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। हालांकि संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में बेहद ही सतर्क रहने की जरूरत है। आइए जानते हैं कोरोना वायरस से जुड़े कुछ ऐसे सवालों के जवाब, जिन्हें जानना आपके लिए बहुत जरूरी है।
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Coronavirus: शरीर में कोरोना के संक्रमण के असर में क्या बदलाव आए हैं? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
Sun, 18 Oct 2020 02:35 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 18 Oct 2020 02:35 PM IST
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शरीर में कोविड-19 के संक्रमण के असर में क्या परिवर्तन आए हैं?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा बताते हैं, 'शुरुआत में यह केवल रेस्पिरेटरी डिजीज मानी गई थी, लेकिन अब इसे मल्टीऑर्गन डिजीज कहते हैं। यानी पहले इसका असर केवल फेफड़ों पर देखा जा रहा था, लेकिन अब यह वायरस लिवर, हार्ट, कि़डनी आदि पर भी हमला कर रहा है। जिन लोगों को किसी प्रकार की बीमारी है, उनके लिए खतरा ज्यादा है।'
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त्योहारों में अगर कोई घर आना चाहे, तो क्या करें?
- डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा के मुताबिक, 'पहली बात तो त्योहारों में न तो किसी के घर जाएं और न ही किसी को घर बुलाएं। अगर कोई बाहर से आता है, तो सबसे पहले यह चेक करें कि उनके अंदर कोई लक्षण तो नहीं हैं। अगर लक्षण हैं, तो उनको समझा कर वापस भेज दें। दूसरी बात त्योहारों पर खरीददारी करने भीड़-भाड़ वाले इलाकों में मत जाएं।'
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कोविड-19 के मामलों का ग्राफ नीचे जा रहा है, इस पर क्या कहेंगे?
- डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा कहते हैं, 'कोरोना केस का ग्राफ नीचे जाने का मतलब यह नहीं कि देश में सब ठीक है। अभी भी हमारे देश में स्थिति गंभीर है। लोगों द्वारा जरा सी चूक फिर से ग्राफ को ऊपर ले जा सकती है। अब यूरोप में देखिए, ग्राफ फिर से ऊपर जा रहा है। फ्रांस दोबारा लॉकडाउन में प्रवेश कर रहा है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए हमें आने वाले सर्दी के मौसम और त्योहारों के दौरान पहले से ज्यादा सावधानी बरतनी है।'
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किन-किन राज्यों में पॉजिटिविटी रेट चिंताजनक है?
- डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा बताते हैं, 'पॉजिटिविटी रेट केरल में पिछले सात दिनों में 16 प्रतिशत है और महाराष्ट्र में 13.8 प्रतिशत है, राजस्थान में 11.3 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 8.6 प्रतिशत है। यह जब तक पांच से नीचे नहीं आता, स्थिति को गंभीर ही माना जाएगा। केरल में प्रति मिलियन एक लाख से ज्यादा टेस्ट कर रहे हैं, उसके बावजूद पॉजिटिविटी रेट बढ़ा हुआ है, जो कि चिंताजनक है। इसी प्रकार बाकी राज्यों में भी पॉजिटिविटी रेट तभी कम होगा जब लोग सावधानी बरतेंगे।'