देश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद ही खतरनाक और जानलेवा साबित हुई। हालांकि अब दैनिक संक्रमण के मामलों में काफी हद तक कमी आई है, जिसके बाद कुछ राज्यों ने कोरोना प्रतिबंधों में ढील देनी शुरू कर दी है। इस बीच कोरोना के खिलाफ टीकाकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक देश में 26 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। हालांकि अभी बच्चों को टीका नहीं लगाया जा रहा है, क्योंकि उनपर अभी वैक्सीन के ट्रायल चल रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि कुछ महीनों में भारत में भी बच्चों के लिए वैक्सीन आ जाएगी, लेकिन तब तक लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी है, क्योंकि कहा जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर आएगी और उसका प्रभाव बच्चों पर ज्यादा पड़ेगा। आइए जानते हैं कि बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल का तरीका क्या है और साथ ही कोरोना से जुड़े अन्य सवालों के जवाब भी...
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विशेषज्ञ से जानें: बच्चों पर कोरोना वैक्सीन के ट्रायल का क्या है तरीका? एंटीबॉडी टेस्ट भी है अहम
Wed, 16 Jun 2021 09:46 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 16 Jun 2021 09:46 AM IST
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बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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कोरोना की वर्तमान स्थिति को कैसे देखती हैं?
- दिल्ली स्थित एम्स की डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'एक समय जो हाहाकार मच गया था, वो थम गया है, केस कम हो रहे हैं। फिर भी ऐसा नहीं है कि आईसीयू खाली हो गए हैं, क्योंकि कम ही लेकिन केस आ रहे हैं। इसलिए अभी भी एहतियात उसी तरह रखना है, जैसे रखते आ रहे हैं। अनलॉक में कोई भी लापरवाही नहीं करनी है।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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क्या कोरोना की अगली लहर में बच्चों पर ज्यादा प्रभाव होगा?
- डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'अगली लहर आएगी तो बच्चों पर असर होगा, इसे लेकर तनाव न लें और इस चिंता में न रहें, सावधानी रखेंगे, तो कोई समस्या नहीं होगी। काम से बाहर जाएं, मास्क और सैनिटाइजर साथ रखें। जहां तक बच्चों की बात है, आने वाले समय में पता चलेगा। मगर अभी अच्छी बात ये है कि बच्चों में वैक्सीन के फेज-2 ट्रायल शुरू हो गए हैं। उम्मीद है कि तीन महीने में इसका परिणाम आ जाएगा। अभी उन्हें वैक्सीन लगेगी, फिर बूस्टर डोज लगेगी, उसके बाद एंटीबॉडी टेस्ट होंगे। उसके बाद फेज-3 के ट्रायल शुरू होंगे।'
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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वीकेंड लॉकडाउन कितना प्रभावी है?
- डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'हमारी कोशिश है कि जान भी बचाएं और लोगों का जीविकोपार्जन भी चलता रहे। इसलिए अनलॉक किया जाता है। इन दिनों में लोग अपना काम करते हैं, ऑफिस आदि जाते रहते हैं। लेकिन जैसा कि शनिवार और रविवार को अक्सर छुट्टी होती है और लोग बाहर घूमने-फिरने निकलते हैं, किसी के घर जाते हैं, मॉल आदि में पहुंचते हैं, इससे भीड़ बढ़ती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए वीकेंड लॉकडाउन लगाया जा रहा है। लोगों को समझने की जरूरत है कि ये कदम उनकी सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे हैं।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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क्या पीरियड्स के दौरान भी वैक्सीन लगवा सकते हैं?
- डॉ. नीरजा भाटला कहती हैं, 'बिल्कुल लगवा सकती हैं, इससे कोई समस्या नहीं आती है। पीरियड्स साइकिल में भी न तो अभी, न आने वाले समय में किसी भी तरह की दिक्कत होगी। इसके अलावा अगर किसी महिला को पता नहीं है कि वो प्रेग्नेंट हैं और वैक्सीन लगवाने के बाद पता चलता है, तो भी परेशान न हों। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। अभी प्रेग्नेंट पर ट्रायल नहीं हुआ है, इसलिए एहतियात रखा जा रहा है।'