देश में अब कोरोना की स्थिति भयावह हो गई है। हर दिन लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और संक्रमण के नए रिकॉर्ड भी बन रहे हैं। देशभर में कोरोना के कारण हजारों लोगों को अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है और यहां तक कि मौतें भी हो रही हैं। दरअसल, बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जिन्हें कोरोना से संक्रमित होने के बाद सांस लेने में दिक्कतें हो रही हैं, उनके खून में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंच पा रही है। ऐसी स्थिति में उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि आखिर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के ऑक्सीजन का लेवल (स्तर) कितना होना चाहिए, जिससे उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत न पड़े।
कोरोना वायरस: कितना होना चाहिए ऑक्सीजन का लेवल, कब अस्पताल में भर्ती होने की पड़ती है जरूरत?
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रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में चेस्ट फिजिशियन डॉ. गिरीश अग्रवाल एक वीडियो के माध्यम से बताते हैं कि अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं तो अस्पताल में तभी भर्ती होने की जरूरत पड़ती है जब आपका ऑक्सीजन का लेवल 90 के नीचे जाता है। दरअसल, ब्लड में ऑक्सीजन लेवल का कम होना इस बात की चेतावनी होती है कि अब आपको डॉक्टरी सहायता की जरूरत है।
कैसे पता चलता है ऑक्सीजन का लेवल?
- ऑक्सीमीटर की मदद से खून में ऑक्सीजन के लेवल का पता लगाया जा सकता है। दरअसल, ऑक्सीमीटर एक छोटा सा डिवाइस होता है, जिसे उंगली या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर लगाया जाता है। अस्पतालों में तो इसका उपयोग काफी होता ही है, साथ ही आजकल लोग इसे अपने-अपने घरों में भी जांच के लिए रखने लगे हैं।
कितना जरूरी है ऑक्सीमीटर?
- अगर कोई कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज है तो ऑक्सीमीटर के जरिये उसकी स्थिति पर नजर रखी जा सकती है। इससे यह पता चलता है कि आपको मेडिकल केयर की जरूरत है या नहीं। विशेषज्ञ कहते हैं कि किसी भी व्यक्ति में सामान्य ऑक्सीजन लेवल 95 फीसदी या उससे अधिक होता है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना के मरीजों को जिंदा रखने के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति सबसे अहम है। हालांकि हाल के दिनों में अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी की भी खबरें सामने आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में पर्याप्त चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक समीक्षा बैठक की है। उन्होंने कहा है कि ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।