Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
कोरोना की दूसरी लहर में भले ही संक्रमण के मामले कम होने लगे हैं, लेकिन साथ ही तीसरी लहर का खतरा भी मंडराने लगा है। इसलिए मास्क, सुरक्षित शारीरिक दूरी और टीकाकरण, तीनों ही चीजें कोरोना से बचाव के लिए बहुत अहम हैं। जब तक देश में वैक्सीन नहीं आई थी, तब तक मास्क को ही 'वैक्सीन' माना जा रहा था और अब जब वैक्सीन आ गई है और बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं और वैसे लोग भी जो वैक्सीन लगवा चुके हैं। हालांकि इसको लेकर विशेषज्ञ बहुत पहले से कहते आ रहे हैं कि वैक्सीन संक्रमण से 100 फीसदी सुरक्षा तो नहीं दे सकती है, लेकिन गंभीर रूप से बीमार होने से जरूर बचा सकती है। ऐसे में पूरी तरह सुरक्षा पाने के लिए वैक्सीन के साथ-साथ मास्क लगाना भी जरूरी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि पिछले हफ्ते ही इस्रायल ने मास्क पहनने से छूट देने वाला पहला देश होने का दावा किया था, जिसका नतीजा ये देखने को मिल रहा है कि अब वहां वैक्सीन ले चुके लोग भी संक्रमित होने लगे हैं।
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कोरोना अलर्ट: मास्क से लापरवाही पड़ सकती है भारी, वैक्सीन ले चुके लोग भी हो रहे संक्रमित
Wed, 23 Jun 2021 02:21 PM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 23 Jun 2021 02:21 PM IST
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कोरोना वायरस
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मास्क लगाने से छूट देना इस्रायल को पड़ रहा भारी
- दरअसल, इस्रायल अपनी आधी से अधिक आबादी का टीकाकरण कर चुका है। इसी को मद्देनजर रखते हुए वहां लोगों मास्क लगाने से छूट दे दी गई, लेकिन इसके बाद अचानक से वहां संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है। कहा जा रहा है कि कोरोना का खतरनाक डेल्टा वैरिएंट वैक्सीन ले चुके लोगों को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। अगर भारत की बात करें तो यहां बिना वैक्सीन लगवाए लोग भी आराम से बिना किसी डर के घूम-फिर रहे हैं। ऐसे में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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टीकाकरण के बाद भी मास्क है जरूरी
- विशेषज्ञ कहते हैं कि जब तक देश में 100 फीसदी आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता है, तब तक मास्क पहनना और सुरक्षित शारीरिक दूरी रखने जैसे नियमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। टीकाकरण के बाद भी मास्क जरूरी है। इससे आपका भी बचाव होगा और दूसरों का भी।
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कौन सा मास्क सबसे सुरक्षित?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना से बचाव के लिए सबसे सुरक्षित एन-95 मास्क को माना गया है। अगर आपने एन-95 मास्क लगाया है तो 95 फीसदी तक सुरक्षा मिल सकती है। इसके अलावा सर्जिकल मास्क को भी काफी अच्छा माना जाता है, लेकिन भारत में चूंकि ज्यादातर लोग ढीला मास्क पहनते हैं या उससे नाक को न ढक कर सिर्फ मुंह को ढकते हैं, ऐसे में वायरस के शरीर में प्रवेश करने का खतरा रहता है। इसलिए मास्क पहनें तो सही से पहनें। आप कॉटन का मास्क भी पहन सकते हैं, लेकिन इसकी सुरक्षा कम है, इसलिए डबल मास्किंग की सलाह दी जाती है।
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डबल मास्किंग कितना कारगर?
- बीते अप्रैल महीने में अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने लोगों से डबल मास्किंग यानी एक साथ दो मास्क पहनने की सलाह दी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कोरोना के ड्रॉपलेट्स को रोकने में 90 फीसदी तक मदद मिल सकती है।