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खाने की जान है नमक, ज्यादा खाओगे तो मारे जाओगे, कम खाएंगे तो इस बीमारी से बच जाएंगे
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 11 Apr 2018 09:43 AM IST
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नमक खाने की जान होती है लेकिन अगर यह ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो बीमारी की वजह भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खाने में नमक की मात्रा कम रखने से युवावस्था में किडनी की बीमारियों से बचा जा सकता है। देश में मौत के पांच प्रमुख कारणों में किडनी की बीमारी भी एक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे देश में ज्यादातर घरों में रसोई का जिम्मा महिलाओं के पास होता है। ऐसे में वो खाने में नमक का कम इस्तेमाल कर किडनी की बीमारी से बचाव में अहम भूमिका अदा कर सकती हैं।
मुंबई के सैफी अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अरुण पी. दोषी का कहना है कि डायलिसिस में 25 से 30 वर्ष की उम्र के मरीजों की संख्या पांच-छह वर्ष में बहुत बढ़ गई है। उनका कहना है कि किडनी में दिक्कत सबसे ज्यादा हाई बीपी की वजह से होती है और खाने में नमक की मात्रा सीधे तौर पर बीपी से जुड़ी हुई है।
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डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादा नमक खाने से हाई बीपी हो सकता है। ऐसे में नमक की मात्रा कम कर किडनी की बीमारी होने से रोका जा सकता है। अपोलो अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉक्टर अमित लंगोटे का कहना है कि देश के अन्य हिस्सों की तुलना में उत्तर भारत में डायलिसिस के युवा मरीजों की संख्या ज्यादा है।
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वॉकहार्ड अस्पताल के डॉक्टर महेश प्रसाद ने कहा कि खटाई, पापड़, चटनी और अतिरिक्त नमक वाले खाद्य पदार्थ जैसे फ्रइड स्नैक्स, चिप्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इसी तरह से चीज, बटर, शुगर का भी खाने में ज्यादा इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। खाने में नमक की थोड़ी मात्रा कम करने से हम किडनी की कई बीमारियों से बच सकते हैं। इतना ही नहीं, ऐसा करने पर दवाइयों का असर भी ज्यादा होता है।