वर्षों से कई प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए घरेलू औषधियों को प्रयोग में लाया जाता रहा है। अध्ययनों में भी पाया गया है कि हमारे किचन में मौजूद कई औषधियों-मसालों में प्राकृतिक गुण होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और इंफ्लामेशन, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को कंट्रोल करने में सहायक हो सकते हैं। दालचीनी ऐसी ही एक अति प्रभावी औषधि मानी जाती है जिसका वर्षों से मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। सर्दी-जुकाम जैसी फ्लू की समस्या हो या इम्यून सिस्टम को मजबूत करना, इसके लिए भी दालचीनी का सेवन किया जाता रहा है।
Study: इस घरेलू औषधि से कम हो सकता है पुरुषों में सबसे कॉमन कैंसर का खतरा, शोध में दिखे बेहतर परिणाम
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दालचीनी से कम हो सकता है प्रोस्टेट कैंसर का खतरा
हैदराबाद स्थित आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (एनआईएन) द्वारा किए गए शोध में दालचीनी को प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के लिए कारगर पाया गया है। चूहों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि जिन चूहों ने मौखिक रूप से दालचीनी का सेवन किया, उनमें इसके एक्टिव कंपाउंड्स- सिनामाल्डिहाइड और प्रोसायनिडिन बी2 के कारण प्रारंभिक चरण के प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम हो गया।
शोधकर्ताओं का कहना है कि इंसानों में भी इसके सकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं।
अध्ययन में क्या पता चला?
इंटरनेशनल पीर रिव्यूड जर्नल 'कैंसर प्रिवेंशन रिसर्च' में प्रकाशित अध्ययन में नर चूहों में दालचीनी की कीमोप्रिवेंटिव प्रभावकारिता का आकलन किया गया है।
अध्ययन के दौरान चूहों को आहार के माध्यम से दालचीनी या इसके बायोएक्टिव यौगिक दिए गए, 16 सप्ताह तक यह प्रक्रिया चलती रही। इस दौरान अध्ययन लेखकों ने पाया कि दालचीनी या इसके सक्रिय यौगिकों को खिलाने से 60-70 प्रतिशत चूहों में प्रोस्टेट विकारों का जोखिम काफी कम हो गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एंडोक्रिनोलॉजी डिवीजन की प्रमुख आयशा इस्माइल कहती हैं, "हमने कीमोप्रिवेंटिव प्रभाव के लिए संभावित तंत्र को समझने की कोशिश की और देखा कि दालचीनी और इसके एक्टिव कंपाउंड्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम कर सकते हैं। इसके अलावा प्रोस्टेट ग्रंथि में कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को कम करने में भी इसके बेहतर परिणाम देखे गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि लेखकों ने पाया कि चूहों के बोन मिनरल कंटेट पर इसका लाभकारी प्रभाव और विकृति में कमी भी देखी गई। जिसका मतलब है कि हड्डियों की समस्याओं में भी इसके लाभ हो सकते हैं।
दालचीनी के कई स्वास्थ्य लाभ
आईसीएमआर-एनआईएन के निदेशक हेमलता आर कहते हैं, आमतौर पर व्यंजनों में उपयोग किए जाने वाले भारतीय मसालों को लेकर पहले के अध्ययनों में भी कई प्रकार के फायदों का जिक्र मिलता है। दालचीनी के कुछ घटक कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक सकते हैं। दालचीनी की एंटी इंफ्लामेटरी गुण सेलुलर स्ट्रेस और क्षति को कम करने में भी भूमिका निभाती हैं, जो कैंसर के विकास से जुड़े कारक हैं।
इसके पहले के अध्ययनों में दालचीनी को टाइप-2 डायबिटीज को कंट्रोल करने और शरीर से इंफ्लामेशन को कम करने में भी लाभकारी पाया गया था।
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स्रोत और संदर्भ
Anti-cancer effects of cinnamon: Insights into its apoptosis effects
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