लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। यही कारण है कि कम उम्र के लोगों में भी डायबिटीज से लेकर हृदय रोग और कैंसर तक का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बीमारियों से बचे रहने के लिए सिर्फ ब्लड प्रेशर और शुगर पर ध्यान देते रहना काफी नहीं है, सभी लोगों को शरीर में इंफ्लेमेशन को लेकर भी अलर्ट रहना जरूरी है।
हेल्थ अलर्ट: सिर्फ बीपी-कोलेस्ट्रॉल ही नहीं, शरीर की यह परेशानी भी बन सकती है हार्ट अटैक की वजह
Chronic Inflammation: शरीर में लंबे समय तक रहने वाली सूजन दिल की बनावट और कार्यक्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के करीब 4.80 लाख लोगों पर किए गए अध्ययन में इंफ्लेमेशन के शिकार समूह वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम 43% अधिक पाया गया।
हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया कि शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन दिल को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकती है। इसका असर दिल की मांसपेशियों की बनावट और खून भरने की क्षमता पर पड़ सकता है। एमआरसी लेबोरेटरी ऑफ मेडिकल साइंसेज और इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने अध्ययन में हृदय की इमेजिंग, रक्त जांच और आनुवंशिक जानकारियों का विश्लेषण कर यह खुलासा किया है।
- ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में करीब 4.80 लाख लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया।
- इसमें पता चला कि शरीर में सूजन का स्तर सबसे अधिक होने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा सबसे कम सूजन वाले लोगों की तुलना में 43 प्रतिशत ज्यादा था।
- हालांकि, अध्ययन सूजन और हृदय रोग के बीच संबंध दर्शाता है, हर मामले में सीधे कारण-परिणाम को साबित नहीं करता।
शरीर में सूजन क्यों बढ़ती है?
शरीर में सूजन बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सामान्य तौर पर संक्रमण या चोट लगने पर इम्यून सिस्टम सूजन पैदा करता है, जिससे शरीर को ठीक होने में मदद मिलती है। लेकिन जब यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रहती है, तो क्रॉनिक इंफ्लेमेशन की स्थिति बन सकती है। चोट या संक्रमण की स्थिति में तो सूजन होना ठीक है पर बिना किसी कारण के बना रहने वाला सूजन स्वास्थ्य के लिए खतरे बढ़ाने वाला हो सकता है।
- मोटापा, खासकर पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी, इसका प्रमुख कारण है।
- इसके अलावा धूम्रपान-शराब के अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी, ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड खाने से भी सूजन बढ़ने का खतरा रहता है।
- अध्ययनों में पाया गया है कि लगातार तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और मानसिक परेशानियां भी खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
हार्ट और दूसरे अंगों पर असर
लंबे समय तक शरीर में सूजन रहने से सबसे ज्यादा खतरा दिल और रक्त वाहिकाओं को हो सकता है। सूजन के कारण धमनियों की अंदरूनी परत प्रभावित हो सकती है और उनमें फैटी प्लाक जमा होने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। इससे रक्त का प्रवाह बाधित होने और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। इसका असर केवल दिल तक सीमित नहीं रहता।
- मस्तिष्क में लंबे समय तक सूजन रहने से न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
- लिवर में सूजन फैटी लिवर और लिवर की दूसरी बीमारियों का कारण बनती है।
- किडनी में लगातार सूजन उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।
- इसके अलावा जोड़ों में दर्द, सूजन और ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।
सूजन से बचाव के लिए क्या करें?
क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि जीवनशैली और आहार में सुधार किया जाए।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, योग या अन्य शारीरिक गतिविधियां फायदेमंद हो सकती है।
- खाने में हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, मेवे और ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- ज्यादा चीनी, तले हुए खाद्य पदार्थ, जंक फूड और प्रोसेस्ड मीट का सेवन कम करें।
- धूम्रपान से दूरी बनाएं और शराब से बचें। इसके अलावा रोजाना 7-9 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
- अगर शरीर में लगातार सूजन बनी रहती है तो इसके कारणों का पता लगाने के लिए जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।
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स्रोत:
Chronic stress may trigger hidden inflammation that damages the heart
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