मंकीपॉक्स के मामले दुनियाभर के कई देशों में तेजी से फैल रहे हैं। दुनिया के तमाम देशों से 18 हजार से ज्यादा मंकीपॉक्स के मामले अब तक सामने आ चुके हैं। भारत में मंकीपॉक्स से कई लोगों के संक्रमित होने के कारण केंद्र सरकार ने इस संक्रमण को गंभीरता से लेते हुए एडवाइजरी जारी की है। केंद्र सरकार ने राज्यों को मंकीपॉक्स से बचाव और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अपने स्तर पर तैयारी करने, संक्रमितों की पहचान और विशिष्ट देशों से आने वाले लोगों की निगरानी करने, अस्पतालों में मंकीपॉक्स के मामलों के लिए तैयार करने के दिशा निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंकीपॉक्स को लेकर क्या करें और क्या न करें, इस बाबत भी दिशा निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी के मुताबिक, जिस संक्रमितों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनके संपर्क में आने वाले लोगों में भी मंकीपॉक्स का जोखिम होने की बात कहते हुए ऐसे लोगों की निगरानी की सलाह दी है। साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता का ध्यान देने, साबुन से हाथ धोने, सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने को भी कहा है। बता दें कि इसके पहले मंकीपॉक्स की स्थिति पर चिंता जताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। चलिए जानते हैं केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी के मुताबिक मंकीपॉक्स से बचाव के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करें।
Monkeypox: मंकीपाॅक्स से बचाव के लिए क्या करें और क्या नहीं, केंद्र सरकार ने जारी किए दिशा निर्देश
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मंकी पॉक्स से बचने के लिए क्या करें?
- मंकी पॉक्स से बचाव के लिए शरीर में लक्षण दिखाई देने पर सबसे पहले मरीज को आइसोलेट कर देना चाहिए, यानी दूसरे लोगों से संक्रमित व्यक्ति को दूर रखना चाहिए।
- संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हाथों को साबुन से धोना चाहिए या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
- मंकीपॉक्स के मरीज आपके संपर्क में है, तो उससे मिलते समय मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल करें।
- आप जहां रहते हैं, वहां डिसइंफेक्टेंट्स का उपयोग करें।
Ministry of Health lists do's and don'ts to avoid contracting #Monkeypox pic.twitter.com/G0dbsowWuG
— ANI (@ANI) August 3, 2022
मंकी पॉक्स से बचाव के लिए क्या न करें?
- मरीज द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीजें, खासकर चादर या तौलियां आदि का उपयोग न करें।
- संक्रमित के कपड़े, चादर आदि को स्वस्थ व्यक्ति के कपड़ों के साथ न धोएं।
- मंकीपॉक्स के लक्षण नजर आएं तो भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- मंकीपॉक्स से जुड़ी गलत जानकारी न फैलाएं। भ्रम फैलने से रोकें।
मंकीपॉक्स की पहचान कैसे करें?
मंकीपॉक्स संक्रामक रोग है, जिसमें बुखार आने के साथ ही शरीर पर लाल दाने आने लगते हैं। मंकीपॉक्स से संक्रमित होने पर 6 से 13 दिन में लक्षण दिखने लगते हैं। कुछ मामलोंमें 5 से 21 दिन का समय लग सकता है। इस दौरान मांसपेशियों और शरीर में दर्द, सिर दर्द, बुखार, लिम्फ नोड्स में सूजन आने जैसे मंकीपॉक्स के लक्षण दिखाई देते हैं। त्वचा पर भी असर दिखने लगता है। पहले चेहरे और फिर हथेली और पैरों के तलवे पर भी दाने निकलने लगते हैं।
मंकीपाॅक्स होने पर किन बातों का रखें ध्यान
- मंकीपाॅक्स से संक्रमित व्यक्ति को शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। इसलिए भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें।
- इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
- सामान्य स्वस्थ लोग संक्रमित व्यक्ति या जानवरों के संपर्क में आने बचें।
- मंकीपाॅक्स के लक्षण दिखने पर डाॅक्टर की सलाह लें।
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नोट: ये लेख विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट और केंद सरकार की मंकीपाॅक्स पर जारी एडवाइजरी के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।