संसार के चक्र को निरन्तर बनाए रखने के लिए संतान उत्पत्ति को आवश्यक माना जाता है। शिशु का जन्म मनुष्य को और जिम्मेदार और परिपक्व बनाने का भी काम करता है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इस प्राकृतिक चक्र को भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ा है। केवल महानगरों में ही नहीं छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में भी निसंतानता का प्रतिशत पहले की तुलना में तेजी से बढ़ा है। इसके चलते निसन्तानता या इन्फर्टिलिटी वर्तमान समय की गम्भीर समस्याओं में से एक बन गई है।
सावधान: ये भी हो सकते हैं पुरुषों में इन्फर्टिलिटी के कारण, जानिए कैसे दूर करें यह समस्या?
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इन्फर्टिलिटी की समस्या के कारण
इन्फर्टिलिटी की समस्या महिला और पुरुषों दोनों में हो सकती है। अगर यह चिकित्सकीय कारण से हो तो दोनों को ही इसके इलाज के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी होता है। पुरुषों के सन्दर्भ में कुछ बातें ऐसी हो सकती हैं जिनपर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते। लेकिन ये स्थितियां भी पुरुषों में इन्फर्टिलिटी का कारण बन सकती हैं।
- कुछ विशेष प्रकार के इंडस्ट्रियल कैमिकल्स यानी औद्योगिक रसायनों के सम्पर्क में आना। जैसे कीटनाशक, पेंट, ऑर्गेनिक सॉल्वेंट्स आदि शामिल हैं। इनके कारण स्पर्म की संख्या पर बुरा असर पड़ सकता है।
- लेड जैसे हैवी मैटल्स के निरंतर सम्पर्क में रहना।
- किसी प्रकार के रेडिएशन या एक्स-रे के सम्पर्क में लगातार आना। लम्बे समय तक रेडिएशन के सम्पर्क में रहने से स्पर्म प्रोडक्शन क्षमता पर असर हो सकता है।
- टाइट कपड़े पहनने, अधिक तापमान, लम्बे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली रखने आदि की वजह से भी स्पर्म्स पर बुरा असर पड़ सकता है।
- अल्कोहल, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों का लगातार सेवन से भी इन्फर्टिलिटी की समस्या हो सकती है।
- बढ़ा हुआ वजन या किसी प्रकार का संक्रमण भी समय पर नियंत्रित न होने से प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डाल सकता है।
- लंबे समय तक तनाव बने रहना इस तरह की समस्या का कारण हो सकता है।
यदि चेकअप के बाद पता चलता है कि जीवनशैली सम्बन्धी कोई समस्या है जिसे प्रयासों से हल किया जा सकता है तो डॉक्टर से खान-पान, नींद आदि के संदर्भ में पूरी जानकारी लें। इसके बाद एक्सरसाइज, खान-पान तथा अन्य चीजों का ध्यान रख कर इन्फर्टिलिटी का समाधान भी किया जा सकता है। वहीं यदि किसी मेडिकल कंडीशन के कारण इन्फर्टिलिटी है तो इसे कुछ विशेष प्रकार की दवाओं का साथ ठीक किया जा सकता है।
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अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।