फूड-ब्लॉगिंग के वीडियो में आपने भी देखा होगा कि किस तरह से साधारण से व्यंजन को स्वादिष्ट और आकर्षक बनाने के लिए उसमें खूब सारा मक्खन डाल दिया जाता है। देखने में यह भले ही अच्छा लगे, लेकिन जरूरत से ज्यादा मक्खन खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
सेहत की बात: खाने में भर-भरकर मक्खन डालना पड़ सकता है भारी, जानिए क्या हो सकते हैं इसके नुकसान
Healthy Eating: मक्खन खाने का स्वाद बढ़ाता है, लेकिन इसका अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसमें मौजूद संतृप्त वसा, बैड कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती है। ज्यादा मक्खन खाने से वजन बढ़ने की आशंका भी रहती है।
बैड कोलेस्ट्रॉल का खतरा सबसे ज्यादा
मक्खन का अधिक मात्रा में सेवन शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर बढ़ाने वाला पाया गया है। एक बड़े चम्मच मक्खन में लगभग सात ग्राम संतृप्त वसा होती है। इसका नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम रहता है।
- जब रक्त में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है, तो धमनियों की अंदरूनी दीवारों पर प्लाक जमा होने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है।
- इसके कारण धमनियां संकरी हो सकती हैं और हृदय रोगों के साथ हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।
मोटापे का हो सकते हैं शिकार
जरूरत से ज्यादा मक्खन खाना वजन बढ़ने की वजह बन सकता है। इसमें मौजूद संतृप्त वसा की अधिक मात्रा और अतिरिक्त कैलोरी शरीर में फैट जमा होने की समस्या को बढ़ा सकती है। कुछ अध्ययनों में अधिक मक्खन और संतृप्त वसा के सेवन को पेट के आसपास आंतरिक चर्बी बढ़ने के जोखिमों का कारण पाया गया है।
- एक बड़े चम्मच मक्खन में लगभग 100 कैलोरी होती हैं। ऐसे में अगर आप रोजाना जरूरत से ज्यादा मक्खन खाते हैं, तो कुल कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
- मोटापा अपने आप में कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है, जिनमें हृदय रोग और डायबिटीज भी शामिल हैं।
दिमाग की सेहत पर भी पड़ सकता है असर
मक्खन का अत्यधिक सेवन केवल वजन और हृदय स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे मस्तिष्क की सेहत से जुड़े कुछ जोखिमों का कारण भी पाया गया है। साल 2018 के एक अध्ययन में अधिक मात्रा में संतृप्त वसा के सेवन से अल्जाइमर रोग तथा डिमेंशिया के जोखिमों को बढ़ाने वाला पाया गया है।
- इस अध्ययन में 8,630 प्रतिभागियों के डेटा के आधार पर संतृप्त वसा के अधिक सेवन से अल्जाइमर रोग का जोखिम 39 प्रतिशत और डिमेंशिया का जोखिम 105 प्रतिशत तक अधिक पाए जाने की बात बताई गई थी।
- हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मक्खन खाना सीधे इन बीमारियों का कारण बनता है।
- फिर भी, संतृप्त वसा का अत्यधिक सेवन सीमित रखना समग्र स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
कितना मक्खन खाना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संतृप्त वसा से मिलने वाली कैलोरी कुल दैनिक कैलोरी के 10 प्रतिशत से कम रखनी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी लेते हैं, तो संतृप्त वसा की मात्रा लगभग 22 ग्राम प्रतिदिन से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- मक्खन में संतृप्त वसा अधिक होने के कारण इसका सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है। इसकी जगह असंतृप्त वसा से भरपूर स्वस्थ तेलों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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