सर्दियों के इस मौसम में खाने-पीने के लिए कई सारी चीजें उपलब्ध होती हैं। इनमें से कुछ चीजें देखने में तो बहुत सामान्य सी होती हैं, हालांकि सेहत के लिए इसे बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मूंगफली ऐसा ही एक खाद्य पदार्थ है, जिसका सर्दियों के मौसम में सेवन करना सेहत के लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। देश के कुछ हिस्सों में इस बादाम भी कहा जाता है, असल में इसमें मौजूद गुण आपको बादाम जितनी पौष्टिकता दे सकते हैं। वजन घटाने, बेहतर पाचन स्वास्थ्य और विटामिन-डी की प्राप्ति, मूंगफली का सेवन करना कई तरीकों से सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है।
सेहत की बात: पाचन से लेकर हृदय रोगों तक के लिए फायदेमंद है मूंगफली, सर्दियों का माना जाता है 'सुपर-आहार'
पाचन स्वास्थ्य के लिए बेहतर
मूंगफली में हाई फाइबर की मात्रा होती है, जो पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करती है। कब्ज को रोकने और आंत के माइक्रोबायोम में सुधार करने के लिए मूंगफली का सेवन करना विशेष लाभदायक हो सकता है। इसके अतिरिक्त मूंगफली का सेवन शरीर के सूजन को कम करने में भी सहायक है, जिससे क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
हृदय के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि मूंगफली का सेवन करना हृदय रोग के जोखिम को कम करने में भी फायदेमंद हो सकता है। मूंगफली में स्वस्थ वसा मैग्नीशियम, एंटीऑक्सिडेंट, कॉपर और अन्य आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं जो वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं, जिससे हृदय पर अधिक दबाव नहीं पड़ता है। हृदय रोग के खतरे को कम करने के लिए मूंगफली खाना फायदेमंद हो सकता है।
मधुमेह को कम करने में सहायक
मधुमेह के रोगियों के लिए लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स उस दर को कहा जाता है जिसपर खाद्य पदार्थों का रक्तप्रवाह में ब्रेकडाउन होता है। मूंगफली का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, ऐसे में यह ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाने नहीं देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक 55 से कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, मूंगफली का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 13 होता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।