{"_id":"60c3235967f9300e517915dc","slug":"ban-on-covishield-vaccine-in-some-countries-know-its-efficacy","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"सावधान: कई देशों ने इस वैक्सीन पर लगाई रोक, विशेषज्ञों से जानिए कितना सुरक्षित है इसका टीकाकरण?","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
सावधान: कई देशों ने इस वैक्सीन पर लगाई रोक, विशेषज्ञों से जानिए कितना सुरक्षित है इसका टीकाकरण?
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Fri, 11 Jun 2021 02:31 PM IST
विज्ञापन
1 of 5
विवादों में आई वैक्सीन
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
Medically Reviewed by-
डॉ विक्रमजीत सिंह
डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन
आकाश हेल्थकेयर, दिल्ली
डॉ अनिल डोंगरे
कोविड ट्रैकिंग प्रभारी
इंदौर, मध्यप्रदेश
देश में कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए वैक्सीनेशन अभियान को तेज कर दिया गया है। भारत में फिलहाल तीन वैक्सीन- कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक उपलब्ध हैं। इसमें
ऑक्सफ़ोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (कोविशील्ड) को सबसे ज्यादा प्रयोग में लाया जा रहा है। इस बीच यह वैक्सीन विवादों में घिरती नजर आ रही है। कई देशों ने इसके उपयोग पर फिलहाल रोक भी लगा दिया है। इन खबरों ने लोगों के मन में एक विशेष प्रकार के डर की स्थिति बना दी है। असल में हाल ही में एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ लोगों में रक्त के थक्के बनने और रक्तस्राव के मामले देखने को मिले हैं। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या काफी कम है।
कुछ देशों द्वारा वैक्सीन को प्रतिबंधित करने के मामले सामने आने के बाद भारत में भी लोगों के बीच डर देखा जा रहा है। आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानते हैं कि आखिर कोविशील्ड वैक्सीन सुरक्षा मानकों पर कितनी खरी है? क्या इसे लगवाना चाहिए?
2 of 5
कोविशील्ड वैक्सीन पर कुछ देशों ने लगाई रोक
- फोटो : Social media
इन देशों ने इस्तेमाल पर लगाई रोक
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक दुष्प्रभाव के मामले सामने आने के बाद कई देशों ने फिलहाल कोविशील्ड वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया है। जिन देशों ने कोविशील्ड वैक्सीन के उपयोग पर रोक लगाने के साथ इसे जांच के तहत रखा है उनमें ऑस्ट्रिया, नॉर्वे, आइसलैंड, बुल्गारिया, नीदरलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, स्वीडन और थाईलैंड जैसे देश शामिल हैं। कनाडा के कई प्रांतों ने भी इसी तरह की चिंताओं को लेकर एस्ट्राजेनेका के टीकों का इस्तेमाल फिलहाल रोकने का फैसला किया है।
3 of 5
ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स
- फोटो : Pixabay
कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर हंगामा क्यों?
ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के अनुसंधानकर्ताओं के नेतृत्व में हुए अध्ययन में पाया गया कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के कारण रक्त में प्लेटलेट की कमी हो सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोविशील्ड वैक्सीन के कारण ऐसे मामले जरूर सामने आए हैं, हालांकि इसकी संख्या बहुत ही कम है। यह अध्ययन जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक यह स्थिति प्रति 10 लाख खुराक में करीब 11 लोगों में हो सकती है। 65 से 70 साल की आयु वाले लोगों (जिन्हें पहले से ही दिल की बीमारी, मधुमेह या किडनी की बीमारी) में इसका खतरा अधिक देखने को मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
जरूर कराएं वैक्सीनेशन
- फोटो : iStock
कितनी सुरक्षित है कोविशील्ड वैक्सीन?
इस तरह के रिपोर्ट सामने आने के बाद सुरक्षात्मक स्तर से वैक्सीन की प्रभाविकता को लेकर लोगों में मन में डर देखा जा रहा है। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए अमर उजाला ने डॉ विक्रमजीत सिंह (डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन) से बातचीत की। डॉ विक्रमजीत बताते हैं कि फिलहाल यह अध्ययन यूरोपीय देशों में हुआ है और इसके आंकड़े भी काफी कम हैं। इस छोटे से आंकड़े के आधार पर किसी भी वैक्सीन की प्रभाविकता या उससे होने वाले साइड-इफेक्ट्स का निर्धारण नहीं किया जा सकता है। इस तरह की रिपोर्ट पर ध्यान न देते हुए सभी लोगों को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। संभावित तीसरी लहर से बचाने में वैक्सीनेशन को ही सबसे प्रभावी उपाय माना जा सकता है।
विज्ञापन
5 of 5
कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी
- फोटो : PTI
वैक्सीन से डरने की जरूरत बिल्कुल नहीं
अमर उजाला से बातचीत में इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगरे बताते हैं कि हाल ही में हुए अध्ययनों में वैज्ञानिकों ने ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका टीके की दो खुराक की प्रभाविकता 85-90 प्रतिशत के करीब देखी है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि कोविशील्ड वैक्सीन काफी असरदार है। हालांकि इससे रक्त का थक्का बनने या प्लेटलेट की कमी के जो भी मामले सामने आए हैं, उनका आधार काफी सूक्ष्म है। लोगों को इससे डरने की आवश्यकता नहीं है, कोविशील्ड वैक्सीन को लगवाने में कोई भी झिझक न दिखाएं।
-------
नोट: यह लेख मीडिया रिपोर्ट के साथ इंदौर में कोविड ट्रैकिंग प्रभारी डॉ अनिल डोंगरे और डॉ विक्रमजीत सिंह (डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेल मेडिसिन, आकाश हेल्थकेयर दिल्ली) से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में कोविशील्ड वैक्सीन पर हुए अध्ययन को भी संलग्न किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।