फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सेक्स के वजह से हो सकती हैं ये 4 नई खतरनाक बीमारी

Sat, 20 Jun 2020 05:17 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Sat, 20 Jun 2020 05:17 PM IST
विज्ञापन
4 new dangerous sex disease
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

आए दिन दुनिया में नई-नई बीमारियां सामने आती हैं और यौन संक्रमण से होने वाली बीमारियां (एसटीआई) कोई अपवाद नहीं हैं। ऐसे ही चार बैक्टीरियां के बारे में हम आपको बता रहे हैं जो लोगों के स्वास्थ्य को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।



नाइसेरिया मेनिन्जाइटिस
नाइसेरिया मेनिन्जाइटिस को मेनिन्गोकस के नाम से भी जानते हैं। ये बैक्टीरिया दिमाग और रीढ़ की हड्डियों को संक्रमित कर सकता है। लेकिन इससे कई ज्यादा ये यूरोजेनिटल संक्रमण के लिए जाना जाता है। 70 के दशक का अध्ययन बताता है कि कैसे एक चिम्पैंजी के नाक और गले से होता हुआ ये बैक्टीरिया उसके जननांग तक जा पहुंचा और उसे यूथरल संक्रमण हुआ।

4 new dangerous sex disease
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

लगभग 5 से 10 फीसदी नौजवानों में नाइसेरिया मेनिंजाइटिस बैक्टीरिया गले या नाक के माध्यम से पहुंचते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक ये संक्रमण एक शख्स से उनके पार्टनर में ओरल सेक्स और अन्य तरह के संपर्क से पहुंच सकता है। कुल पांच तरह के एन. मेनिन्जाइटिस दुनिया भर में होने वाले यौन संक्रमण के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि इस बैक्टीरिया के लिए दो वैक्सीन उपलब्ध हैं जिनकी मदद से इस बैक्टीरिया के प्रभाव को कम किया जा सकता है।

4 new dangerous sex disease
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

माइकोप्लाजमा जेनिटेलियम
माइकोप्लाजमा जेनिटेलियम दुनिया के सबसे सूक्ष्म बैक्टीरिया में से एक है, लेकिन इससे होने वाले सेक्शुअल ट्रांसमिटेड संक्रमण दुनिया में बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। इसे 1980 के दशक में पहचाना गया, इस बैक्टीरिया ने इस वक्त लगभग 1 फीसदी से 2 फीसदी लोगों को संक्रमित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
4 new dangerous sex disease
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

खास कर ये युवा और वयस्कों में ज्यादा तेजी से फैलता है। ये बैक्टीरिया महिलाओं की प्रजनन प्रणाली में पैल्विक सूजन का कारण बनता है। जिससे बांझपन, गर्भपात, समय से पहले प्रसव और यहां तक कि भ्रूण की मृत्यु तक हो सकती है। कॉन्डोम का इस्तेमाल इस संक्रमण को पार्टनर तक पहुंचने से रोक सकता है। शोधकर्ताओं ने एम. जेनिटेलियम को रोकने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं खासकर एजिथ्रोमाइसिन और डॉक्सीसाइक्लिन का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है।

विज्ञापन
4 new dangerous sex disease
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शिगेला फ्लेक्जेनरी
इसे शिग्लोसिस के नाम से भी जानते हैं। ये इंसानी मल के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्क में आने से फैलता है। इस संक्रमण के बाद पेट में तेज दर्द, डायरिया जैसी शिकायत होती है और इस तरह ये बैक्टीरिया अपना संक्रमण आगे तक फैलाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि एस. फ्लेक्जेनरी मूल रूप से ओरल सेक्स और एनल सेक्स के जरिए फैलता है। दुनिया भर में इसके संक्रमण के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed