नोएडा और ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक विकास को लेकर पहले से ही कवायद हो रही है और इसमें डेढ़ लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई थी। वहीं, बृहस्पतिवार को लखनऊ में एशियन डेवलपमेंट बैंक के प्रजेंटेशन और प्रदेश के 19 जिलों के तहत गौतमबुद्ध नगर में भी पूंजी निवेश का खाका खींचने के बाद रोजगार की और भी संभावना बढ़ गई है। दरअसल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा पहले से ही औद्योगिक निवेश के लिए एक अच्छा क्षेत्र माना जाता है। यहां परिवहन के साधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए राह आसान कर देती है। यही वजह है कि किसी भी निवेश के दौरान पहली प्राथमिकता में नोएडा और ग्रेटर नोएडा आते हैं। इंवेस्टर समिट के दौरान भी कई कंपनियों ने यहां निवेश किया है।
लाखों युवाओं को यहां मिलेगी नौकरी, एशियन डेवलपमेंट बैंक करेगा 1.5 लाख करोड़ का निवेश
हालांकि बृहस्पतिवार को हुई बैठक में ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने और इनकी राह आसान करने के लिए निवेश की संभावना पर बल दिया गया है। अगर प्रदेश सरकार की ओर से ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी संसाधनों के विकास पर फोकस किया जाता है तो नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की राह आसान होगी। चूंकि इन संसाधनों के विकास के लिए फिलहाल प्राधिकरणों के पास पैसे का अभाव है। ऐसे में यह सहयोग एक संजीवनी की तरह होगा।
फूड प्रोसेसिंग एवं बिवरेज लेदर व संबंधित उत्पाद, बेसिक मिटेल्स एवं फैब्रिकेटेड मिटेल उत्पाद, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट व शीशे के उत्पादों में से किसी तरह के उद्योगों के विकास पर रोजगार के अवसर खुलेंगे। यही नहीं संसाधनों के विकास के दौरान प्रशिक्षित श्रमिकों की मांग बढ़ेगी। साथ ही बिजली आपूर्ति सहित कनेक्टिीविटी और पेयजल की सुविधा भी बहाल होगी।
एशियन डेवलपमेंट बैंक आधारभूत विकास के लिए 1.5 लाख करोड़ खर्च करेगी। इसके लिए प्रदेश को 6 सेक्टर में बांटा गया है। जिसमें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ व मेरठ भी शामिल हैं। प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका सीधा लाभ फूड प्रोसेसिंग, लेदर उत्पाद, फैब्रिकेटेड मेटेल उत्पाद, केमिकल्स, इलेक्ट्रानिक्स, परिधान, आईटी, ऑटो मोबाइल कंपोनेंट व शीशे के उत्पादों से जुड़ी इंडस्ट्री को मिलेगा।
मालूम हो कि बृहस्पतिवार को एशियन डेवलपमेंट बैंक के कंट्री डायरेक्टर केनेची योकोयामा ने लखनऊ में मुख्य सचिव राजीव कुमार के समक्ष प्रदेश के विकास के लिए यूपी इंफ्रास्ट्रक्चर फ्रेमवर्क प्लान के निष्कर्षों का प्रजेंटेशन दिया। इसमें प्रदेश सरकार की घोषणाओं व प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुल 19 जिलों को 11 सेक्टर व छह कलस्टर में बांटकर 1.5 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की झलक पेश की गई है। पूंजी निवेश से लाखों की संख्या में युवाओं को रोजगार मिलने की बात कही गई है।