Toxic Productivity: आज की भाग-दौड़ भरी दुनिया में हर कोई चाहता है कि उसकी उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) बाकियों से बेहतर हो। ऐसे में आप पर कड़ी मेहनत और लंबे समय तक काम करने का दबाव बना रहता है। अधिक उत्पादकता आपके लिए हानिकारक होती है, जिसे विषाक्त उत्पादकता या ‘टॉक्सिक प्रोडक्टिविटी’ के नाम से जाना जाता है। इसमें परिणामों और उपलब्धियों की परवाह न करते हुए अधिक से अधिक काम करने पर जोर दिया जाता है।
अगर आप भी इससे प्रभावित हैं, तो कुछ तरीके अपनाकर इससे निजात पा सकते हैं। इन तरीकों से आप खुद को एक बेहतर माहौल में ढालकर न सिर्फ काम करने के स्वस्थ और टिकाऊ तरीके अपना सकते हैं, बल्कि उत्पादकता भी बढ़ा सकते हैं।
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खुद के लिए निकालें समय
टॉक्सिक प्रोडक्टिविटी के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए आपको अपने काम की सीमाएं निर्धारित करने और खुद के लिए वक्त निकालने की जरूरत है। इसलिए काम करने का समय निर्धारित करें और अपने ई-मेल सीमित करें। इसके अलावा, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करें। ज्यादा दबाव होने पर आप कुछ दिन की छुट्टी भी ले सकते हैं।
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घंटे नहीं, परिणाम देखें
बजाय इसके कि आप कितनी देर काम करते हैं, परिणामों पर ध्यान दें। आपका प्रयास होना चाहिए कि आप जो भी काम करें वह गुणवत्तापूर्ण हो। इसके लिए लक्ष्यों को निर्धारित करना जरूरी है। ऐसा करने से आपको यह पहचान करने में मदद मिलती है कि किन कामों को ज्यादा प्राथमिकता देनी है और किन्हें कम। इसका मतलब है कि अतिरिक्त घंटे काम करने के बजाय, आप कुछ कार्यों को बाद के लिए शेड्यूल कर सकते हैं या फिर किसी और को सौंप सकते हैं।
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3एम शेड्यूल
अधिक काम और उससे होने वाली थकान को रोकने के लिए रणनीतिक ब्रेक लेना सबसे अच्छा तरीका है। इसके लिए 3एम शेड्यूल तैयार करें, जो ब्रेक को तीन श्रेणियों मैक्रो, मेसो और माइक्रो ब्रेक में विभाजित करता है।
मैक्रो ब्रेक में हर महीने आधा या पूरा दिन आप लंबी पैदल यात्रा करके, टूर के जरिये या फिर परिवार के साथ समय बिता सकते हैं। मेसो ब्रेक प्रति सप्ताह एक से दो घंटे ले सकते हैं, जिसमें संगीत सुनने के अलावा, कोई खेल खेला जा सकता है या फिल्म देखी जा सकती है। माइक्रो ब्रेक हर दिन बार-बार कुछ मिनटों के लिए लिया जाता है। इस दौरान स्ट्रेचिंग या ध्यान करना बेहतर होता है। इससे आपको ध्यान केंद्रित करने और अधिक रचनात्मक तरीके से सोचने में मदद मिलती है।
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उपन्यास पढ़ें
विषाक्त उत्पादकता के चक्र से बहार निकलने के लिए रोजाना कुछ घंटे कोई नॉवेल, प्रेरणादायी किताब या उपन्यास पढ़ने की आदत डालें। इससे आपको खुद को प्रेरित रखने में मदद मिलेगी और आप अनावश्यक दबाव से भी बचेंगे। साथ ही, आप जो भी करेंगे उसमें अपना सौ प्रतिशत देंगे।