अमूमन हम रोजाना ही जाने-अनजाने यातायात नियमों की धज्जियां बड़ी बेतकल्लुफी से उड़ाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि जो लोग हर मौसम में इन नियमों की रखवाली में मुस्तैद रहते हैं उन पर क्या गुजरती है। शायद इसी अहसास को भांपते हुए हैदराबाद के नामापल्ली कोर्ट ने उन लोगों को यातायात पुलिस के साथ खड़े रहकर उनका सहयोग करने की सजा सुनाई है जो शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए थे। डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक अदालत ने 100 लोगों में से 35 को भीड़भाड़ वाली सड़कों पर पांच घंटे तक धूप में खड़े रहकर यातायात नियंत्रित करने की सजा सुनाई। आपको ये भले ही अजीब लगे लेकिन और अजीबो-गरीब सजाएं हैं जो अदालतें अपराधियों को देती रही हैं। यकीन नहीं आता तो आगे की स्लाइड में देखिए...
जुर्म की अनोखी सजाएं, अदालत ने जो अपराधियों के लिए सुनाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अजीबो-गरीब सजाएं
पुलिस और सजा का आपस में गहरा नाता है, लेकिन इतना कि पुलिस अपराधी को दबोचती है और कानून उसे सजा देता है। लेकिन कुछ दिनों पर उत्तराखंड में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर पुलिसकर्मियों को ही सजा का पात्र बनना पड़ा। सजा भी ऐसी कि हंसते-हंसते दम निकल जाए। उधमसिंह नगर के एसपी केवल खुराना के आदेश पर थुलथुले पुलिसकर्मियों को अपनी पीठ पर दरोगा को लादकर मैदान में दौड़ लगानी पड़ी। इस सजा के पात्र बने सिपाही मनोज ने बताया कि सजा भुगतते वक्त उन्हें काफी शर्मिंदगी महसूस हुई। इस मामले पर बाद में उच्चाधिकारियों ने जांच के भी आदेश दिए थे। लेकिन एक बात तो आप मानेंगे ही पुलिस वालों हरदम चुस्त और दुरुस्त होना ही चाहिए।
अजीबो-गरीब सजाएं
सुप्रीम कोर्ट से मिली इस सजा ने तो दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। सजायाफ्ता कोई इंसान नहीं, बल्कि एक बेजुबान जानवर था। राजस्थान के रणथंबोर के उस्ताद नाम के टाइगर को आदमखोर होने की सजा मिली। सर्वोच्च अदालत ने उस्ताद को जंगल से हटाकर उदयपुर के सज्जगढ़ स्थित चिड़ियाघर में उम्रकैद काटने की सजा सुनाई। उस्ताद को 4 लोगों की मौत के आरोप में सजा दी गई। वन और प्राणी संरक्षण से जुड़े के जानकारों ने उस्ताद की सजा पर आपत्ति जताई। अदालत में यहां तक दलील दी गई कि जिन लोगों के लाशों के पास उस्ताद को देखा गया उनकी मौत से उसका कोई वास्ता नहीं था। आखिरकार लंबी जिरह के बाद अदालत ने आजाद टाइगर को सीमित दायरे गुजर-बसर करने का आदेश सुना दिया।
अजीबो-गरीब सजाएं
साल 2003 में अमेरिका के ओहायो के फ्लेयरपोर्ट हार्बर गांव में कोर्ट के आदेश पर एक अजीब वाकया घटा। अदालत ने जेसिका लेंज और ब्रायन पैट्रिक नाम के दो लड़कों को माफीनाम का पोस्टर लगे एक गधे के साथ गांव भर में घूमने की सजा सुनाई। 19 वर्षीय सजायाफ्ता लड़कों का जुर्म ये था कि दोनों ने एक समारोह के लिए तैयार की गई चाइल्ड जीसस की मूर्ती चुरा ली थी। सोर्स-ऑडी
अजीबो-गरीब सजाएं
अमेरिका के क्लेवलेंट म्युनिसिपल कोर्ट ने एक महिला को यातायात नियम तोड़ने बेहद अजीब सजा सुनाई। आरोपी महिला शेना हार्डिन नाम की इस महिला से कहा गया कि भीड़ वाले समय में इडियिट लिखा एक बोर्ड थामकर सड़के के एक कोने पर खड़ी रहे। बोर्ड पर लिखा था 'ओनली एन इडियट वुड ड्राइव ऑन द साइडवॉक टू अवॉइड अ स्कूल बस।' ये केस अर्से तक अमेरिका में चर्चा की विषय बना रहा। सोर्स-ऑडी