साल 2019 समाप्ति की ओर है। 2020 के आगाज में महज कुछ ही दिन रह गए हैं। साल 2019 कई मायनों में यादगार कहा जाएगा। इस साल हुई सियासी घटनाओं ने इसे खास बनाया और एक साल के दौरान कुछ ऐसी घटनाएं हुईं जो कभी भुलाई नहीं जा सकेगी। इन घटनाओं ने देश की सियासत की तस्वीर ही बदल डाली। एक तरफ भाजपा की सत्ता में लगातार दूसरी बार वापसी हुई तो दूसरी तरफ कांग्रेस का बुरा दौर जारी रहा। खुद राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद छोड़कर सभी को हैरान किया। वहीं महाराष्ट्र में भी बड़ी सियासी घटना हुई जहां भाजपा-शिवसेना की 30 साल पुरानी दोस्ती टूट गई और उद्धव ठाकरे ने सीएम की कुर्सी संभाली। हम आपको बता रहे हैं 2019 की ऐसी ही 10 बड़ी सियासी घटनाएं।
2019 की वो 10 बड़ी घटनाएं जिन्होंने बदल डाली देश की सियासी तस्वीर
फिर से मोदी सरकार
2019 में नरेंद्र मोदी का जादू फिर मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला। आम चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सियासी पंडितों को भी चौंका दिया। भाजपा को इस साल 303 सीटों पर जीत मिली जबकि 2018 में उसने 282 सीटें जीती थीं। इसी के साथ नरेंद्र मोदी जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद तीसरे व पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। पीएम मोदी ने एक बार फिर वाराणसी से चुनाव लड़ा और चार लाख 79 हजार 505 वोटों से जीते। इस दौरान उनकी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अुच्छेद 370 हटाने जैसा ऐतिहासिक फैसला लिया।
अमित शाह ने लड़ा चुनाव
इस चुनाव में खास बात ये भी रही कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और प्रचंड जीत भी हासिल की। वह गुजरात में गांधीनगर लोकसभा सीट पर साढ़े पांच लाख वोट से विजयी रहे। इसी सीट पर भाजपा के संस्थापक नेताओं में से एक लालकृष्ण आडवाणी लगातार छह बार से चुनाव जीतते आ रहे थे। अमित शाह यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे और फिर गृह मंत्रालय भी संभाला।
राहुल ने छोड़ा अध्यक्ष पद
साल 2019 में कांग्रेस में उस वक्त भूचाल आया जब राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद जुलाई में राहुल ने पद से इस्तीफा दे दिया। राहुल गांधी ने चार पन्नों का इस्तीफा लिखकर इसे ट्विटर पर शेयर भी किया था। कांग्रेस अध्यक्ष पद के इस्तीफा देने वाले राहुल गांधी ने कहा था- मैं एक कांग्रेसजन के तौर पर पैदा हुआ, यह पार्टी हमेशा मेरे साथ रही है और यह मेरी रगो में है और हमेशा रहेगी। तमाम मान मनौव्वल के बाद भी राहुल नहीं माने। कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं ने धरना भी दिया, लेकिन राहुल टस से मस नहीं हुए। इसके बाद सोनिया गांधी को दोबारा कांग्रेस की कमान दी गई।
प्रियंका कांग्रेस में आईं
साल 2019 में ही प्रियंका गांधी वाड्रा कांग्रेस में शामिल हो गईं। लंबे समय से कार्यकर्ता उनसे कांग्रेस में शामिल होने की मांग कर रहे थे। लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी 2019 में उन्हें महासचिव नियुक्त कर पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी गई थी। चुनाव के दौरान वह खूब सक्रिय रहीं और कई रैलियां भी कीं। कांग्रेसियों में नया जोश भी देखने को मिला। प्रियंका का संपूर्ण राजनीति में उतरना इस साल की एक महत्वपूर्ण घटना रही।