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ये है दुनिया की सबसे बड़ी और भारी भगवद् गीता, सिर्फ कवर ही पलटने में लगते हैं 4 लोग

Sat, 08 Dec 2018 12:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 08 Dec 2018 12:55 PM IST
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Worlds biggest and heaviest bhagavad gita departs from italy to india
Bhagvad gita - फोटो : social media

महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया था, उसे ही आज हम श्रीमद्भगवद्घीता के नाम से जानते हैं। वैसे तो आपने भगवद्गीता की कई सारी किताबें पढ़ी होंगी, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे बड़ी और भारी भगवद्गीता कौन सी है और कहां है? इसके वजन के बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। 

Worlds biggest and heaviest bhagavad gita departs from italy to india
Iskcon temple delhi

दरअसल, दुनिया की सबसे वजनी भगवद्गीता इटली के मिलान शहर में बनी है और अब इसे समुद्र के रास्ते भारत लाया जा रहा है। गीता जयंती के मौके पर दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में इसका विमोचन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। इस दौरान इस्कॉन दिल्ली के प्रभारी गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज और कुरुक्षेत्र के प्रभारी साक्षी गोपाल दास महाराज भी पीएम के साथ होंगे। 

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Bhagvad gita - फोटो : social media

अभी तक तो यह 'गीता' इटली में ही आकर्षण का केंद्र रही है और अब यह भारत में भी अपनी चमक बिखेरेगी। दुनिया की सबसे वजनी इस गीता की वजन 800 किलो है। संस्कृत भाषा में तैयार इस किताब में कुल 670 पेज हैं। इसे बनाने में करीब 2.5 साल का लंबा वक्त लगा है। 

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Bhagvad gita - फोटो : social media

हैरानी की बात तो ये है कि यह इतना भारी है कि इसके एक पन्ने को ही पलटने के लिए 4 लोगों की जरूरत होती है। इस्कॉन मंदिर (अहमदाबाद) के प्रमुख जशोमतिनंदन दास ने बताया कि इस भगवद् गीता को बनाने में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 

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Bhagvad gita - फोटो : social media

फिलहाल इस महाग्रंथ को दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में ही रखा जाएगा, लेकिन बताया जा रहा है कि 2020 के बाद इसे कुरुक्षेत्र में बन रहे श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में स्थापित किया जा सकता है। इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की ओर से गीता प्रचार के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह प्रकाशित कराई गई है। संस्था से जुड़े वेदांत बुक ट्रस्ट ने ही इसकी छपाई की है। 

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