रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग), भारत
दुनिया की 10 सबसे शक्तिशाली खुफिया एजेंसी, जिनसे डरते हैं बड़े से बड़े आतंकी संगठन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईएसआई (इंटर-सर्विसेस इंटेलीजेंस), पाकिस्तान
दुनिया की सबसे ताकतवर खूफिया एजेंसियों में पाकिस्तान की आईएसआई सबसे ऊपर आती है। इसका हेडक्वॉर्टर इस्लामाबाद में है और यह 1948 में गठित हुई थी। अफगानिस्तान में सोवियत संघ की हार के पीछे आईएसआई का हाथ माना जाता है। जो आईएसआई की सबसे बड़ी जीतों में से एक हैं। कहा जाता है कि पाकिस्तान में किसी की भी सरकार क्यों न हो उसे लेकिन उसे आईएसआई के आगे नतमस्तक रहना ही पड़ता है। वैसे तो यह एक तरह से सरकार की ही बॉडी है लेकिन सेना और सरकार सब आईएसआई के नीचे काम करते हैं।
मोसाद सभी खुफिया एजेंसियों की गॉडफादर की तरह है। मोसाद को दुनिया की सबसे खतरनाक इंटेलीजेंस एजेंसी माना जाता है। इसके बारे में कहा जाता है कि आज तक इसके सभी ऑपरेशन सफल हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि मोसाद के कारण ही इजराइल की धाक आज भी पूरी दुनिया में है। प्रसिद्ध एंतेब्बे रेस्क्यू के दौरान मोसाद के सभी एजेंट युगांडा आर्मी की ड्रेस पहने हुए थे, इनमें से इडली अमिन नाम का एजेंट तो युगांडाके प्रसीडेंट के भेष में था। दरअसल युगांडा ने कई इजराइलियों को बंदी बना लिया था जिन्हें छुड़ाने के लिए मोसाद मे यह ऑपरेशन चलाया था।
युगांडा के राष्ट्रपति की नकल किए हुए अमीन के काफिले को उन्होंने बड़ी धूम-धाम से निकाला था। लोगों को लगा कि यह वाकई में युगांडा के राष्ट्रपति हैं लेकिन थोड़ी ही देर में उन्होंने सभी इजराइलियों को छुड़ा लिया और युगांडा के कई सारे विमान नष्ट कर दिए थे। यही नहीं जब 1972 के म्यूनिख ओलंपिक के दौरान इजराइल के 11 एथलीट्स को एक आतंकी समूह ने मारा था तब भी मोसाद ने उनका बदला लिया था और एक-एक आतंकी को चुन-चुनकर मारा।
सीआईए (सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी) अमेरिका
सीआईए दुनिया भर में अमेरिका के वर्चस्व के पीछे का कारण माना जाता है। दुनिया में अमेरिका के सुपरपॉवर बने रहने के पीछे सीआईए की महत्वपूर्ण भूमिका है। इशका हेडक्वॉर्टर फेयरफैक्स, वर्जीनिया में है। और इसका गठन 1947 में हुआ था। ऑपरेशन PBSUCCESS और ओसामा की हत्या इसकी सबसे बड़ी सफलता में से एक है। वैसे माना जाता है कि सीआईए के कई मिशन असफल रहे हैं, लेकिन फिर भी यह दुनिया की बेस्ट इंटेलीजेंस एजेंसी है।
एमआई6 (मिलिट्री इंटेलीजेंस, सेक्शन 6) युनाइटेड किंगडम
1909 में गठित हुई एमआई6 का हेडक्वॉर्टर लंदन में है। एमआई6 दुनिया की सबसे पुरानी इंटेलीजेंस एजेंसियों में से एक है। एमआई6 ने प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान भी कई सारे मिशन को सफलता पूर्वक अंजाम दिया था। यह भी माना जाता है कि दोनों विश्व युद्धों में ब्रिटेन की जीत का कारण उसकी खूफिया एजेंसी एमआई6 ही है। इसी एजेंसी ने न केवल ब्रिटेन को जर्मनी के हांथो से दूर रखा बल्कि हिटलर को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही नहीं एमआई6 आजकल दूसरी विदेशी खूफिया एजेंसियों जैसे सीआईए को भी उनके मिशन में मदद कर रही है।