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आखिर क्यों भारत में फल-फूल रहा सोने की तस्करी का कारोबार, ये हैं वजह
Wed, 15 Jul 2020 11:58 AM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Wed, 15 Jul 2020 11:58 AM IST
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Swapna Suresh (File Photo)
- फोटो : iStock
पुरानी बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर हम विलेन को कभी नाव के जरिए तो कभी किसी और रास्ते सोने की तस्करी करते देखा करते थे। उस दौरान फिल्मों में विलेन का यह पसंदीदा बिजनेस हुआ करता था। मगर 90 के दशक के बाद इस पर विराम लग गया। मगर बीते कुछ सालों में भारत में फिर से सोने की तस्करी बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। तस्करी के मामले में हम दुनिया में शीर्ष पर पहुंच चुके हैं। हर साल सैकड़ों टन सोना अवैध तरीके से भारत में आता है। एक अनुमान के मुताबिक एक चौथाई सोना हमारे देश में अवैध तरीके से ही आता है।
सोने की कीमत और कस्टम ड्यूटी
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
- भारत में सोने की कीमत कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। 10 ग्राम सोने की कीमत 50 हजार के करीब पहुंच चुकी है।
- पिछले साल कस्टम ड्यूटी भी 10 प्रतिशत से बढ़कर 12.5 फीसदी हो गई।
- यही नहीं जीएसटी 1 से 3 फीसदी हो गया। उस पर जेवर बनाने के लिए अलग जीएसटी देना पड़ता है।
90 के दशक में थी अलग स्थिति
सोने के गहने
- इसके उलट 90 के दशक में ऐसा नहीं था। आर्थिक सुधारों से पहले सोने की तस्करी चरम पर थी।
- आर्थिक सुधार के बाद कस्टम ड्यूटी को महज एक फीसदी कर दिया गया। इससे सोने की तस्करी लगभग खत्म हो गई थी।
- कानूनी रूप से सोना आयात करने और तस्करी के जरिए लाने में फर्क का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक किलो सोने पर आराम से 6 लाख रुपये तक का फायदा कमाया जा सकता है।
- 90 के दशक में गोल्ड कंट्रोल एक्ट 1960 पर फिर से विचार किया गया। यह एक्ट गहने छोड़कर किसी भी तरह के सोने के निर्यात पर पाबंदी लगाता था।
- इस वजह से 60 से लेकर 80 के दशक तक सोने की तस्करी अपने चरम पर थी। बॉलीवुड फिल्मों में भी यह एक लोकप्रिय मुद्दा हो चुका था।
- मगर आर्थिक सुधारों के बाद सोने की तस्करी लगभग खत्म ही हो गई। 2013 के बाद सरकार ने फिर से नियमों में बदलाव किया, जिससे दो महीने में सोने पर लगने वाली ड्यूटी चार गुना बढ़ गई।
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अमेरिका-चीन से भी ज्यादा यहां निजी सोने का भंडार
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
- सोने की तस्करी के मामले में भारत शीर्ष देशों में शुमार है। कनाडा के एक एनजीओ IMPACT ने पिछले साल इसे लेकर एक रिपोर्ट भी जारी की थी।
- इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में 20 हजार टन सोना निजी भंडार में है, जिसमें आम लोग से लेकर मंदिर तक शुमार हैं।
- अगर चीन, अमेरिका और यूरोजोन के सरकारी सोने के भंडार को भी मिला लिया जाए, तो इतना बड़ा भंडार नहीं होगा।
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हर साल 150 से 200 टन सोने की तस्करी
gold smuggling
- आधिकारिक तौर पर भारत हर साल 800 से 900 टन आयात करता है। जबकि भारत में सोने की खपत करीब 1000 टन वार्षिक है।
- इसका मतलब हर साल भारत में 150 से 200 टन सोने की तस्करी होती है।
- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक अनुमान के मुताबिक देश में होने वाली तस्करी का महज 2 फीसदी सोना ही कस्टम अधिकारी जब्त कर पाते हैं।
- रोचक बात यह है कि भारत में आने वाला अधिकतर सोना गहनों के रूप में आता है।