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UPSC Toppers: श्रुति से लेकर हरकीरत तक, जानिए सिविल सर्विसेज परीक्षा के टॉप-10 होनहारों ने कैसे पाई सफलता?
Wed, 01 Jun 2022 09:12 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 01 Jun 2022 09:12 AM IST
सार
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ने सिविल सर्विसेज परीक्षा-2021 का परिणाम सोमवार को जारी किया। इस साल कुल 685 उम्मीदवार सफल हुए हैं। इनमें जनरल कैटेगरी के 244, ईडब्ल्यूएस के 73, ओबीसी के 203, एससी के 105 और एसटी कैटेगरी के 60 के उम्मीदवार शामिल हैं।
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आईएएस टॉपर श्रुति, अंकिता, गामिनी और ऐश्वर्य
- फोटो : अमर उजाला
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ने सिविल सर्विसेज परीक्षा-2021 का परिणाम सोमवार को जारी किया। इस साल कुल 685 उम्मीदवार सफल हुए हैं। इनमें जनरल कैटेगरी के 244, ईडब्ल्यूएस के 73, ओबीसी के 203, एससी के 105 और एसटी कैटेगरी के 60 के उम्मीदवार शामिल हैं।
Shruti Sharma IAS UPSC CSE 2021 Topper AIR1
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
1. श्रुति शर्मा : स्ट्रेटजी बनाकर पढ़ाई की और सफलता हासिल कर ली
उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि इस सफलता को प्राप्त करने के लिए उन्हें मेहनत और संयम की जरूरत थी।
वह बीते चार वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रही श्रुति कहती हैं, 'जितना हो सकता था हर दिन उतना पढ़ती थी। जिस दिन ज्यादा पढ़ने का मन करता था उस दिन ज्यादा पढ़ती थी जिस दिन ब्रेक लेने का मन करता था तो ब्रेक लेती थी। दिन में पढ़ाई के घंटे नहीं गिने, लेकिन इसमें मेहनत जरूर लगती है। श्रुति ने तैयारी कर रहे लोगों को मैसेज दिया कि जो पसंद है और जो करने में मन लगता है वही करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि इस सफलता को प्राप्त करने के लिए उन्हें मेहनत और संयम की जरूरत थी।
वह बीते चार वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रही श्रुति कहती हैं, 'जितना हो सकता था हर दिन उतना पढ़ती थी। जिस दिन ज्यादा पढ़ने का मन करता था उस दिन ज्यादा पढ़ती थी जिस दिन ब्रेक लेने का मन करता था तो ब्रेक लेती थी। दिन में पढ़ाई के घंटे नहीं गिने, लेकिन इसमें मेहनत जरूर लगती है। श्रुति ने तैयारी कर रहे लोगों को मैसेज दिया कि जो पसंद है और जो करने में मन लगता है वही करना चाहिए।
Ankita Agarwal UPSC CSE Topper 2021 Air 2
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
2. अंकिता अग्रवाल : आईआरएस से सेकेंड टॉपर तक का सफर तय किया
दूसरा स्थान हासिल करने वाली अंकिता अग्रवाल 2020 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं। अंकिता अपने पहले ही प्रयास में आईआरएस में चुनी गई थीं। अब तीसरे प्रयास में न केवल आईएएस चुनीं गईं बल्कि सिविल सेवा परीक्षा की दूसरी टॉपर बनकर इतिहास भी रच दिया। वर्तमान में अंकिता हरियाणा के फरीदाबाद में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (NACIN) में तैनात हैं।
अंकिता ने कहा कि सेवा में शामिल होने के बाद महिला सशक्तीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य और स्कूली शिक्षा क्षेत्रों के लिए काम करना चाहती हूं। कोलकाता की मूल निवासी अंकिता ने अपनी तैयारी और सफलता के मंत्र के बारे में पूछे जाने पर बताया कि मैं परीक्षा की तैयारी के लिए अधिक से अधिक घंटे देती थी। एक निश्चित संख्या में घंटे लगाने के बजाय, मैंने एक फिक्स रूटीन कार्यक्रम बनाए रखने की कोशिश की।
दूसरा स्थान हासिल करने वाली अंकिता अग्रवाल 2020 बैच की आईआरएस अधिकारी हैं। अंकिता अपने पहले ही प्रयास में आईआरएस में चुनी गई थीं। अब तीसरे प्रयास में न केवल आईएएस चुनीं गईं बल्कि सिविल सेवा परीक्षा की दूसरी टॉपर बनकर इतिहास भी रच दिया। वर्तमान में अंकिता हरियाणा के फरीदाबाद में राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नारकोटिक्स अकादमी (NACIN) में तैनात हैं।
अंकिता ने कहा कि सेवा में शामिल होने के बाद महिला सशक्तीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य और स्कूली शिक्षा क्षेत्रों के लिए काम करना चाहती हूं। कोलकाता की मूल निवासी अंकिता ने अपनी तैयारी और सफलता के मंत्र के बारे में पूछे जाने पर बताया कि मैं परीक्षा की तैयारी के लिए अधिक से अधिक घंटे देती थी। एक निश्चित संख्या में घंटे लगाने के बजाय, मैंने एक फिक्स रूटीन कार्यक्रम बनाए रखने की कोशिश की।
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UPSC CSE 2021 Topper Gamini Singla (Air 3)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
3. गामिनी सिंगला : हर रोज नौ से 10 घंटे की पढ़ाई
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर की रहने वाली गामिनी सिंगला ने तीसरा स्थान हासिल किया है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में गामिनी ने बताया कि यूपीएससी के लिए यह उनका दूसरा प्रयास था। परीक्षा की तैयारी के लिए हर रोज नौ से 10 घंटे पढ़ाई की। सिंगला ने कहा कि महिलाएं मेहनत और समर्पण से कुछ भी हासिल करने में सक्षम हैं। मैं देश के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम करूंगी। गामिनी ने सफलता का श्रेय भी अपने माता-पिता को दिया। युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए जी जान लगा दें।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर की रहने वाली गामिनी सिंगला ने तीसरा स्थान हासिल किया है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में गामिनी ने बताया कि यूपीएससी के लिए यह उनका दूसरा प्रयास था। परीक्षा की तैयारी के लिए हर रोज नौ से 10 घंटे पढ़ाई की। सिंगला ने कहा कि महिलाएं मेहनत और समर्पण से कुछ भी हासिल करने में सक्षम हैं। मैं देश के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम करूंगी। गामिनी ने सफलता का श्रेय भी अपने माता-पिता को दिया। युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए जी जान लगा दें।
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ऐश्वर्य वर्मा
- फोटो : सोशल मीडिया
4. ऐश्वर्य वर्मा : चौथे प्रयास में चौथी रैंक मिल गई
उज्जैन के ऐश्वर्य वर्मा ने चौथा स्थान हासिल किया है। इंजीनियरिंग की डिग्री ले चुके ऐश्वर्य पांच साल से इस परीक्षा की तैयारी में लगे थे। अपने चौथे प्रयास में उन्हें यह कामयाबी मिली है। ऐश्वर्य उज्जैन के महानंद नगर में रहते हैं। शुरुआती पढ़ाई उज्जैन, नीमच और कटनी से हुई है।
इसके बाद उत्तराखंड के पंतनगर से बीटेक इलेक्ट्रिकल की पढ़ाई की। 2017 से वह इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। तीन बार असफल हुए लेकिन हार नहीं मानी। ऐश्वर्य अपनी सफलता का श्रेय भगवान महाकाल को देते हैं। यह भी कहते हैं कि जिंदगी में दोस्तों की भूमिका बेहद अहम होती है। उनका मानना है कि दोस्त ज्यादा नहीं हों, लेकिन तीन-चार अच्छे दोस्त हों, तो इंसान जीवन में कुछ भी हासिल कर सकता है। ऐश्वर्य इन दिनों उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं।
उज्जैन के ऐश्वर्य वर्मा ने चौथा स्थान हासिल किया है। इंजीनियरिंग की डिग्री ले चुके ऐश्वर्य पांच साल से इस परीक्षा की तैयारी में लगे थे। अपने चौथे प्रयास में उन्हें यह कामयाबी मिली है। ऐश्वर्य उज्जैन के महानंद नगर में रहते हैं। शुरुआती पढ़ाई उज्जैन, नीमच और कटनी से हुई है।
इसके बाद उत्तराखंड के पंतनगर से बीटेक इलेक्ट्रिकल की पढ़ाई की। 2017 से वह इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। तीन बार असफल हुए लेकिन हार नहीं मानी। ऐश्वर्य अपनी सफलता का श्रेय भगवान महाकाल को देते हैं। यह भी कहते हैं कि जिंदगी में दोस्तों की भूमिका बेहद अहम होती है। उनका मानना है कि दोस्त ज्यादा नहीं हों, लेकिन तीन-चार अच्छे दोस्त हों, तो इंसान जीवन में कुछ भी हासिल कर सकता है। ऐश्वर्य इन दिनों उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में अपने माता-पिता के साथ रह रहे हैं।