देश में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान जारी है। इस चरण में 88 सीट पर मतदान किया जा रहा है। वहीं, शीर्ष अदालत आज वीवीपीएटी से हर वोट के सत्यापन की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी। उधर, संयुक्त राष्ट्र एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। जिसके मुताबिक पिछले साल 2023 में 59 देशों के करीब 28.2 करोड़ लोग भूख से तड़पने को मजबूर हुए। वहीं युद्धग्रस्त गाजा में सबसे ज्यादा लोगों ने अकाल की गंभीर स्थिति का सामना किया।ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर...
Top News: लोकसभा की 88 सीट के लिए दूसरे चरण का मतदान, VVPAT से हर वोट के सत्यापन की मांग पर फैसला आज
लोकसभा की 88 सीट के लिए दूसरे चरण का मतदान जारी
दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक महोत्सव की शुरुआत 19 अप्रैल को हो गई थी। आज इस महोत्सव का दूसरा चरण है। दूसरे चरण में 13 राज्यों के मतदाता 88 सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। जिन 88 सीटों पर इस चरण में मतदान हो रहा है, उनमें आधी से अधिक सीटें यानी 52 भाजपा के पास थीं, वहीं कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं। पढ़ें पूरी खबर
सुप्रीम कोर्ट: VVPAT से हर वोट के सत्यापन की मांग वाली अर्जियों पर फैसला आज
ईवीएम का उपयोग कर डाले गए वोटों का वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल या वीवीपीएटी के साथ पूर्ण सत्यापन की मांग करने वाली याचिकाओं पर शुक्रवार यानी आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। इससे पहले, दो दिन की लगातार सुनवाई के बाद पीठ ने 18 अप्रैल को याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पढ़ें पूरी खबर
SRH vs RCB: आरसीबी ने हैदराबाद से लिया पिछली हार का बदला
आईपीएल 2024 का 41वां मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। इस मैच में आरसीबी ने 35 रनों से जीत के साथ हैदराबाद के विजय रथ को रोक दिया। डुप्लेसिस के नेतृत्व वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में सात विकेट गंवाकर 206 रन बनाए। जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 171 रन बना सकी। आरसीबी के गेंदबाजों ने इस मुकाबले में कहर बरपाया। पढ़ें पूरी खबर
संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट: दुनिया में भूख से तड़प रहे 28.2 करोड़ लोग
वर्ष 2023 में 59 देशों के करीब 28.2 करोड़ लोग भूख से तड़पने को मजबूर हुए और युद्धग्रस्त गाजा में सबसे ज्यादा लोगों ने अकाल की गंभीर स्थिति का सामना किया। संयुक्त राष्ट्र ने ‘ग्लोबल रिपोर्ट ऑन फूड क्राइसिस’ में इसकी जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में 2.4 करोड़ से अधिक लोगों को खाद्य सामग्री की भारी कमी से जूझना पड़ा। इसके चलते गाजा पट्टी और सूडान में खाद्य सुरक्षा के बिगड़े हालात थे। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भूख का एक पैमाना तय किया है, जिसमें पांच देशों के 7,05,000 लोग पांचवे चरण में हैं, जिसे उच्च स्तर माना जाता है। पढ़ें पूरी खबर