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इनके उपन्यास पर बनी थी दिलीप कुमार की पहली फिल्म, जया बच्चन के लिए भी रही हैं लकी

Thu, 28 Jul 2016 06:23 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 28 Jul 2016 06:23 PM IST
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special story over writer activist Mahasweta Devi
लेखिका और समाजसेविका महाश्वेता देवी का कोलकाता के वेलव्यू अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।  वह 90 साल की की और कई दिनों से बीमार चल रही थीं। उन्होंने आदिवासियों के लिए काफी काम किया, जिसमें खासतौर पर पश्चिम बंगाल की 'लोधास' और 'शबर' जनजातियों के लिए उनके काम की सराहना की जाती है। महाश्वेता देवी ने 9 में से 8 कहानियां आदिवासियों पर ही लिखी हैं।

 
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महाश्वेता देवी का जन्म 14 जनवरी 1926 को ढाका में हुआ था। उस वक्त ढाका ब्रिटिश सरकार के अधीन था। 
 
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महाश्वेता देवी
इन्होंने अंग्रेजी में बीए ऑनर्स विश्वभारती विश्वविद्यालय से किया था जबकि एमए कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पूरा किया। इनकी शादी लेखक विजॉन भट्टाचार्य के साथ हुई थी। हालांकि कुछ समय बाद इनका तलाक हो गया।
 
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महाश्वेता देवी
महाश्वेता देवी ने साहित्य अकादमी का चुनाव भी लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
 
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महाश्वेता देवी
सिंगूर में टाटा के लगने वाले नैनो प्लांट के वक्त कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा कराई गई हिंसा की भी उन्होंने कड़ी आलोचना की थी।
 
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