17 जून को रिलीज होने वाली डायरेक्टर अनुराग कश्यप की फिल्म 'उड़ता पंजाब' रिलीज के पहले बैन की चर्चा में है और अब फिल्म के नाम को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। सेंसर बोर्ड ने कहा था कि उड़ता पंजाब फिल्म से फिल्म के शीर्षक के साथ हर उस डायलॉग से पंजाब को हटाना होगा। पूरी फिल्म में करीब 89 जगहों पर पंजाब शब्द का इस्तेमाल किया गया था।
सेंसर बोर्ड के इसी फैसले के खिलाफ बुधवार को इस फिल्म के निर्माता अनुराग कश्यप ने मुंबई हाईकोर्ट के दरवाजे खटखटाए। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए फिल्म रिलीज से लगी रोक हटा ली। उड़ता पंजाब से भले ही रोक हट गई हो लेकिन बॉलीवुड की उन 7 फिल्मों के बारे में जानिए जो सेंसर बोर्ड की रोक के चलते कभी रिलीज ही नहीं हो पाईं।
जानिएं 7 ऐसी फिल्में जो सेंसर बोर्ड के कारण कभी रिलीज ही नहीं हो पाईं
रैप संगीत के साथ साल 2010 में आई बंगाली ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म "गांडु" जिसने अपनी स्पष्ट सेक्स दृश्यों के लिए तहलका मचा दिया था। इस फिल्म के स्पष्ट सेक्स दृश्यों से नाराज होकर सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाया था।
जानिएं 7 ऐसी फिल्में जो सेंसर बोर्ड के कारण कभी रिलीज ही नहीं हो पाईं
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Inshallah, Football (2010)
2010 में आई एक और फिल्म ''इंशा अल्लाह फुटबॉल'' यह एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म थी। जो एक महत्वाकांक्षी कश्मीरी फुटबॉलर और उनके आतंकवादी पिता की कहानी पर आधारित थी। इस फिल्म को कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे पर आधारित होने की वजह से सेंसर बोर्ड ने रिलीज होने नही दिया था।
जानिएं 7 ऐसी फिल्में जो सेंसर बोर्ड के कारण कभी रिलीज ही नहीं हो पाईं
2010 में डायरेक्टर अशविन कुमार और निर्माता रत्ना पाठक शाह द्वारा बनी फिल्म ''ड्रेज इन दून'' हॉऊली (Howly) नाम के एक लड़के की कहानी पर आधरित है। जो प्रतिष्ठित दून स्कूल में हुई घटनाओं को भुलाने की कोशिश में अपना जीवन बिताता है। पर वह ऐसा नही कर पाता। प्रतिष्तठ दून स्कूल की याचिका पर ही सेंसर ने इस फिल्म पर प्रतिबंधित किया था।
जानिएं 7 ऐसी फिल्में जो सेंसर बोर्ड के कारण कभी रिलीज ही नहीं हो पाईं
साल 2005 में यौन शोषण के विषय पर निर्देशक श्रीधर रंगायन द्वारा निर्देशित, फिल्म पिंक मिरर ( गुलाबी आईंना ) भारत में ट्रांसजेन्डर के विषय पर बनी पहली फिल्म थी। जिसकी कहानी एक सीधे आदमी के साथ छेड़खानी करने वाले दो ट्रांससेक्सुअल और एक समलैंगिक किशोरी के प्रयासों के चारों ओर घूमती है। सेंसर बोर्ड ने अभद्र और आपत्तिजनक कह कर इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था।