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Bal Puraskar: किसी ने बचाई जिंदगी तो किसी ने कला जगत में किया नाम! बाल पुरस्कार विजेताओं ने ऐसे रचा कीर्तिमान
Thu, 26 Dec 2024 03:20 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 26 Dec 2024 03:20 PM IST
सार
स्पाइनल मस्क्युलर एट्रॉफी नामक खतरनाक बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद केया ने कला और संस्कृति जगत में उल्लेखनीय काम किया है। वह एक बेस्टसेलिंग किताब की लेखक हैं।
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राष्ट्रपति के साथ राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता
- फोटो : एक्स/प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के 17 विजेताओं को सम्मानित किया। कला, संस्कृति और खेल जगत के साथ ही बच्चों को बहादुरी के लिए बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये सम्मान समारोह राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित किया गया। इनमें कला एवं संस्कृति, वीरता, इनोवेशन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा, खेल और पर्यावरण शामिल हैं। इनमें किसी ने दूसरे की जिंदगी बचाई है तो किसी ने कला क्षेत्र में बड़ा नाम किया है। सिर्फ तीन साल के अनीश को शतरंज में शानदार उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और कहा कि पूरे देश व समाज को उन पर गर्व है। उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों ने असाधारण काम किए हैं, अद्भुत उपलब्धियां हासिल की हैं। आपके पास असीमित क्षमताएं और अतुलनीय गुण हैं। उन्होंने कहा कि आपने देश के बच्चों के लिए एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को मौका देना और उनकी प्रतिभा को पहचानना हमारी परंपरा का हिस्सा रहा है। बाल पुरस्कार विजेताओं में किसी ने अपनी बहादुरी से कई जिंदगियां बचाईं तो किसी ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। तो आइए जानते हैं हमारे बाल पुरस्कार विजेताओं के बारे में-
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता केया हटकर
- फोटो : पीटीआई
केया हटकर
बाल पुरस्कार विजेताओं में 14 वर्षीय केया हटकर का नाम शामिल है। केया एक लेखक हैं और साथ ही वे दिव्यांगों के अधिकारियों की मुखर समर्थक हैं। स्पाइनल मस्क्युलर एट्रॉफी नामक खतरनाक बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद केया ने कला और संस्कृति जगत में उल्लेखनीय काम किया है। वह एक बेस्टसेलिंग किताब की लेखक हैं।
बाल पुरस्कार विजेताओं में 14 वर्षीय केया हटकर का नाम शामिल है। केया एक लेखक हैं और साथ ही वे दिव्यांगों के अधिकारियों की मुखर समर्थक हैं। स्पाइनल मस्क्युलर एट्रॉफी नामक खतरनाक बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद केया ने कला और संस्कृति जगत में उल्लेखनीय काम किया है। वह एक बेस्टसेलिंग किताब की लेखक हैं।
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता
- फोटो : पीटीआई
व्यास ओम जिग्नेश
17 साल के व्यास ओम जिग्नेस खतरनाक सेरेब्रल पल्सी से ग्रस्त हैं। इसके बावजूद संस्कृत साहित्य के लिए उनका समर्पण अविश्वसनीय है। व्यास को पांच हजार श्लोक मुंहजुबानी याद हैं और वे देशभर में संस्कृत साहित्य को लेकर 500 से ज्यादा कार्यक्रम कर चुके हैं। संस्कृति के संरक्षण में व्यास को देशभर में तारीफ मिली है।
17 साल के व्यास ओम जिग्नेस खतरनाक सेरेब्रल पल्सी से ग्रस्त हैं। इसके बावजूद संस्कृत साहित्य के लिए उनका समर्पण अविश्वसनीय है। व्यास को पांच हजार श्लोक मुंहजुबानी याद हैं और वे देशभर में संस्कृत साहित्य को लेकर 500 से ज्यादा कार्यक्रम कर चुके हैं। संस्कृति के संरक्षण में व्यास को देशभर में तारीफ मिली है।
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rashtriya bal puraskar
- फोटो : पीटीआई
सौरव कुमार
9 साल के सौरव कुमार को बहादुरी के लिए बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सौरव ने तीन लड़कियों को डूबने से बचाया था। वहीं 17 साल के इओना थापा ने आग लगने पर 36 निवासियों को समय रहते वहां से निकलने में मदद की थी। ऐसे गजब कारनामे के लिए थापा को सम्मानित किया गया है।
9 साल के सौरव कुमार को बहादुरी के लिए बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सौरव ने तीन लड़कियों को डूबने से बचाया था। वहीं 17 साल के इओना थापा ने आग लगने पर 36 निवासियों को समय रहते वहां से निकलने में मदद की थी। ऐसे गजब कारनामे के लिए थापा को सम्मानित किया गया है।
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rashtriya bal puraskar
- फोटो : पीटीआई
सिंदूरा राजा
15 साल के सिंदूरा राजा को अविष्कार के लिए बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सिंदूरा राजा ने पार्किंसन के मरीजों के लिए एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिससे पार्किंसन के मरीजों को काफी मदद मिली है।
15 साल के सिंदूरा राजा को अविष्कार के लिए बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सिंदूरा राजा ने पार्किंसन के मरीजों के लिए एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिससे पार्किंसन के मरीजों को काफी मदद मिली है।