प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन का शिलान्यास और भूमि पूजन किया। शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं वो दिन कभी नहीं भूल सकता जब 2014 में मैं पहली बार सांसद के तौर पर संसद भवन पहुंचा था। लोकतंत्र के इस मंदिर को मैंने सिर झुकाकर प्रणाम किया था। उन्होंने कहा कि जब हम विश्वास के साथ अपने लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवगान करेंगे तो वो दिन दूर नहीं जब दुनिया भी कहेगी- भारत लोकतंत्र की जननी है।
2022 तक तैयार हो जाएगा नया संसद भवन, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस, देखिए तस्वीरें
नया संसद भवन चार मंजिला होगा और इसका निर्माण 971 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 64500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जाएगा। यह भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ यानी 2022 तक तैयार हो जाएगा। इसके निर्माण का प्रस्ताव उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्रमशः राज्यसभा और लोकसभा में 5 अगस्त 2019 को किया था। प्रत्येक संसद सदस्य को नवनिर्मित श्रम शक्ति भवन में कार्यालय के लिए 40 वर्ग मीटर स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
नया संसद भवन आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक होगा जो देशवासियों की आशाओं और आकाँक्षाओं को पूर्ण करने का केंद्र बनेगा।
अमित शाह ने पीएम मोदी को दीं शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए संसद भवन का शिलान्यास और भूमि पूजन करने के मौके गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। शाह ने ट्वीट किया कि नया संसद भवन आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक होगा जो देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करने का केंद्र बनेगा। मोदी सरकार देश के गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त करने में पूरी निष्ठा व समर्पण से जुटी है और यह नया संसद भवन हमारे इस संकल्प को चरितार्थ करने का साक्षी बनेगा।
मोदी सरकार देश के गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त करने में पूरी निष्ठा व समर्पण से जुटी है और यह नया संसद भवन हमारे इस संकल्प को चरितार्थ करने का साक्षी बनेगा।
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार नए संसद भवन का डिजाइन अहमदाबाद के मैसर्स एचसीपी डिजाइन और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है और इसका निर्माण कार्य टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। नया भवन सभी आधुनिक संचार सुविधाओं और डाटा नेटवर्क प्रणालियों से सुसज्जित होगा। इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान संसद सत्रों के आयोजन में कम से कम व्यवधान हो और पर्यावरण संबंधी सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए।
लोकसभा सचिवालय के मुताबिक नए संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। संयुक्त सत्र के दौरान इसमें 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसी प्रकार, राज्यसभा कक्ष में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी। नए संसद भवन में भारत की गौरवशाली विरासत को भी दर्शाया जाएगा। देश के कोने-कोने से आए दस्तकार और शिल्पकार अपनी कला और योगदान के माध्यम से इस भवन में सांस्कृतिक विविधता का समावेश करेंगे। नया संसद भवन अत्याधुनिक, तकनीकी सुविधाओं से युक्त और ऊर्जा कुशल होगा।
मौजूदा संसद भवन से सटी त्रिकोणीय आकार की नई इमारत सुरक्षा सुविधाओं से लैस होगी। नई लोकसभा मौजूदा आकार से तीन गुना बड़ी होगी। राज्यसभा के आकार में भी वृद्धि की गई है। नए भवन की सज्जा में भारतीय संस्कृति, क्षेत्रीय कला, शिल्प और वास्तुकला की विविधता का समृद्ध मिलाजुला स्वरूप होगा। डिजाइन योजना में केंद्रीय संवैधानिक गैलरी को स्थान दिया गया है। आम लोग इसे देख सकेंगे।