बॉलीवुड की शॉर्ट टाइम एक्ट्रेस कविता राधेश्याम विवादों में घिर गईं हैं। अपनी एक फेसबुक पोस्ट में कविता ने कुछ ऐसा लिख दिया जिसे लेकर लोगों का गुस्सा भड़क गया और कविता को उनकी पोस्ट में कमेंट करके अपनी भड़ास निकालने लगे। कविता की पोस्ट की निंदा भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व समुदाय में हो रही है।
ऑरलैंडो हमला: एक्ट्रेस कविता राधेश्याम ने कहा, 'समलैंगिकों को जीने का हक नहीं'
ऑरलैंडो हमला: इस एक्ट्रेस ने कहा- समलैंगिकों को जीने का हक नहीं
कविता राधेश्याम ने फ्लोरिडा के ऑरलैंडो स्थित एक 'गे क्लब' में मारे गए लोगों की हत्या को सही बताते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा है कि जो भी प्रकृति के खिलाफ है उसे जिंदा रहने का कोई हक नहीं है। एक तरफ जहां पूरा विश्व समुदाय इस हमले की निंदा कर रहा है वहीं इस बोल्ड एक्ट्रेस ने इसे सही करार दिया है।
Felt Very Sad About #OrlandoShooting.. Aren't #LGBT Against Nature? Whatever Is Against Nature, Shouldn't Live.. pic.twitter.com/KIvvTGA5rh
अपने फेसबुक पेज और ट्विटर पर लिखा है, 'काफी दुखी महसूस कर रही हूं। क्या समलैंगिक प्रकृति के खिलाफ नहीं हैं? जो भी प्रकृति के खिलाफ है उसे जिंदा नहीं रहना चाहिए।'
ऑरलैंडो हमला: इस एक्ट्रेस ने कहा- समलैंगिकों को जीने का हक नहीं
एक्ट्रेस कविता राधेश्याम पशु क्रूरता के खिलाफ लड़ने वाली कार्यकर्ता भी हैं। कविता तब चर्चा में आई थी जब इन्होंने एनिमल प्रोटेस्ट के लिए न्यूड फोटो सोशल साइट फेसबुक पर पोस्ट किया था। कविता को बॉलीवुड की भारतीय किम कार्दशियन कहा जाता है।
ऑरलैंडो हमला: इस एक्ट्रेस ने कहा- समलैंगिकों को जीने का हक नहीं
समलैंगिकों के खिलाफ लिखी इस पोस्ट के विरोध में समलैंगिक समुदाय ने कविता राधेश्याम को जमकर फटकार लगाई है। मिस्टर गे वर्ल्ड के एशिया निदेशक इगॉर शॉर्कोगेल ने फेसबुक पर इसका कड़ा विरोध करते हुए लिखा, 'प्रिय कविता राधेश्याम जाति, धर्म, लिंग कुछ महत्व नहीं रखता हैं, हम सब मनुष्य हैं।
हर किसी को अपने अस्तित्व को बनाए रखने और प्यार करने का अधिकार है। आप सभी लोगों की बेहतर पता होना चाहिए है कि पहले क्या हालात थे, जो भी पहले हो चुका है हमें उसे दुबारा नहीं होने देना है। लोगों ने अपनी जिंदगियां खोईं हैं, परिवार खोए हैं। कलाकारों को मानव अधिकारों को प्रोमट करने कि लिए आगे आना चाहिए नाकि सुर्खियां पाने कि लिए।'
ऑरलैंडो हमला: इस एक्ट्रेस ने कहा- समलैंगिकों को जीने का हक नहीं
कविता यहीं नहीं रुकीं उन्होंने दुबारा पोस्ट किया और लिखा कि, 'मेरी पोस्ट का विरोध करने पर भी मेरे विचार नहीं बदलेंगे, जो कुछ भी प्रकृति के खिलाफ है उसे बचना नहीं चाहिए।' खुद को डिफेंड करते हुए कविता ने कहा, 'मुझे लोगों के मारे जाने का दुख है ' लेकिन मैं गे और लेस्बियन के खिलाफ हूं। उनका व्यवहार प्राकृतिक नहीं है और यह एचआईवी, एड्स व अन्य एसटीडी फैलता हैं। यह हिंदुस्तान और न गेइस्तान है।'