महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। जहां एक ओर आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में अपनी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं ओबीसी समुदाय इससे नाराज है। ओबीसी समुदाय के नेता लक्ष्मण हाके ने मनोज जरांगे की मांगो को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगे मान ली गईं तो यह ओबीसी वर्ग के ही हिस्से में आएंगी ऐसे में हम भी अपना आंदोलन शुरू करेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने विपक्षी नेताओं शरद पवार, उद्धव ठाकरे पर जरांगे को शह देने का भी आरोप लगाया। लक्ष्मण हाके ने कहा कि जरांगे तो सिर्फ एक चिंगारी थे, लेकिन विपक्षी नेता शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कुछ मंत्रियों ने उन्हें ज्वालामुखी बना दिया।
पत्रकारों से बातचीत में हाके ने कहा कि जरांगे को आज रेड कार्पेट मिल रहा है, लेकिन मेरे खिलाफ तो कहीं भी जाने पर एफआईआर दर्ज हो जाती है।
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मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे की भूख हड़ताल।
- फोटो : पीटीआई
सभी दलों के विधायक-सांसद जरांगे का समर्थन कर रहे
हाके ने आरोप लगाया कि सभी दलों के विधायक-सांसद जरांगे का समर्थन कर रहे हैं और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। हाके ने कहा कि सिर्फ पांच से दस प्रतिशत मराठा मुंबई में प्रदर्शन के लिए पहुंचे हैं, जबकि ओबीसी आबादी 50 प्रतिशत है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार इस मुद्दे पर सीएम फडणवीस को मुश्किल में डाल रहे हैं क्योंकि उनके विधायक जरांगे के साथ खड़े हैं।
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मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे की भूख हड़ताल।
- फोटो : पीटीआई
इससे पहले, बीड जिले में एनसीपी विधायक विजयसिंह पंडित के समर्थकों से झड़प के बाद हाके और उनके 13 समर्थकों पर दंगा और गैरकानूनी जमावड़े का मामला दर्ज किया गया था। इसे लेकर हाके ने कहा कि हम संवैधानिक तरीके से लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन सरकार हमारे साथ भेदभाव कर रही है। किसी गांव में अपराध होता है तो सबसे पहले ओबीसी लोगों को ही हिरासत में लिया जाता है।
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मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे की भूख हड़ताल।
- फोटो : पीटीआई
सरकार तुरंत मनोज जरांगे से संवाद करे- उद्धव ठाकरे
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे से तुरंत संवाद करना चाहिए और समुदाय को न्याय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का सम्मानजनक समाधान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी न तो आतंकवादी हैं और न ही 'दंगा' करने आए हैं, बल्कि वे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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उद्धव ठाकरे, शिवसेना यूबीटी प्रमुख
- फोटो : ANI
मराठा समाज को पहले भी झूठे वादों से ठगा गया-उद्धव ठाकरे
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठा समाज को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि मराठा समाज को पहले भी झूठे वादों से ठगा गया और उनकी समस्याएं अब तक अनसुलझी हैं। हालांकि, उन्होंने खुद का रुख इस मुद्दे पर स्पष्ट नहीं किया।
उद्धव ने डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब वे ढाई साल मुख्यमंत्री रहे तो मराठा समाज को न्याय क्यों नहीं दिया गया।